केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात में बाढ़ जैसे हालात को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की। उन्होंने हरसंभव मदद करने का विश्वास दिलाया। शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इस मुश्किल वक्त में लोगों के साथ हैं।
बता दें, गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश से शहरों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
शाह ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात करके स्थिति की जानकारी ली। बाद में ट्वीट कर कहा कि गुजरात में भारी बारिश के कारण कई जगह उत्पन्न हुई बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित लोगों को सरकार हरसंभव मदद पहुंचाने में पूरी तन्मयता से जुटी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दल और स्थानीय प्रशासन इन क्षेत्रों में लोगों की मदद में लगे हैं। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार इस कठिन समय में लोगों के साथ है।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के दलों को कच्छ, जामनगर, जूनागढ़ और नवसारी में तैनात किया गया है, जो भारी बारिश से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं।
बिजली के खंभे में फंसे दो युवक
गुजरात में बारिश ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है। शनिवार को जूनागढ़ जिले के निचले इलाके में बाढ़ के बीच दो युवक कई घंटों तक बिजली के खंभे में लटके रहे। हालांकि, भारी मशक्कत के बाद भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर ने दोनों लोगों को बचा लिया।
आईएमडी ने कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी
बता दें कि सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात जिलों के कई हिस्सों में शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई और मानसूनी नदियां उफान पर होने से कई गांव जलमग्न हो गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वलसाड जिले के धरमपुर तालुका और नवसारी जिले के खेरगाम में शनिवार सुबह छह बजे से 10 घंटे में 189 और 186 मिमी बारिश हुई। इस अवधि में वलसाड, नवसारी, जूनागढ़, अमरेली, भरूच और वापी के कुछ हिस्सों में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जूनागढ़, अमरेली, नवसारी, डांग और वलसाड जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है।