फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात: जबरन वसूली के लिए बंधक बनाए गए 15 लोगों को पुलिस ने छुड़ाया, एक एजेंट गिरफ्तार

Mon, 14 Feb 2022 01:29 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, अहमदाबाद

सार

पीड़ितों को पिछले साल नवंबर से अलग-अलग अवधि में विदेश जाने के लिए गुजरात से लाया गया था। गिरोह के सदस्य पहले उन्हें मुंबई ले गए, और वहां से पश्चिम बंगाल ले गए, जहां उन्हें बंधक बना लिया गया, प्रताड़ित किया गया और विदेश भेजने के लिए उनके परिवार के सदस्यों से भारी मात्रा में धन उगाही की गई।
विज्ञापन
गुजरात पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रविवार को गुजरात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली में बंधक 15 गुजरात के निवासियों को छुड़ा लिया। जिसमें एक डेढ़ साल की बच्ची भी शामिल है। सभी लोगों को कुछ अवैध अप्रवासी एजेंटों के एक गिरोह ने कथित तौर पर अगवा कर लिया था और बंधक बना लिया था। 

विज्ञापन


इसके बाद विदेश भेजने के नाम पर उनके परिवारवालों को पैसे निकलवाने के लिए प्रताड़ित किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक ऐसे ही एक एजेंट को गिरफ्तार किया है।

डेढ़ साल की बच्ची भी थी कैद में
गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक मयूर चावड़ा ने कहा डेढ़ साल की बच्ची सहित पंद्रह लोगों को उस गिरोह ने बंधक बना लिया और प्रताड़ित किया, जिसने गुजरात में उनके परिवार के सदस्यों को विदेश भेजने के लिए पैसे निकालने के लिए कई कॉल किए। लेकिन सभी पीड़ितों को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की मदद से दिल्ली से छुड़ाया गया और गुजरात लाया गया है।
विज्ञापन


घरवालों से मांगे गए पैसे
उन्होंने बताया कि पीड़ितों को पिछले साल नवंबर से अलग-अलग अवधि में विदेश जाने के लिए गुजरात से लाया गया था। गिरोह के सदस्य पहले उन्हें मुंबई ले गए, और वहां से पश्चिम बंगाल ले गए, जहां उन्हें बंधक बना लिया गया, प्रताड़ित किया गया और विदेश भेजने के लिए उनके परिवार के सदस्यों से भारी मात्रा में धन उगाही की गई।

मानव तस्करी के एंगल से जांच कर रही पुलिस
पुलिस अधीक्षक मयूर चावड़ा ने कहा कि पुलिस इस मामले में मानव तस्करी के एंगल से जांच कर रही है। क्योंकि एजेंटों ने योजना बनाई थी कि अगर वे पैसे नहीं ले पाए तो बांग्लादेश में पांच साल की बच्ची को बेच देंगे। एसपी ने आगे कहा कि पुलिस को इन लोगों के बारे में गांधीनगर जिले के मानसा के एक दंपति के मामले की जांच के दौरान पता चला, जो दिसंबर में नौकरी के लिए विदेश जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन उसके बाद लापता हो गया था।

उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता दंपति का पता लगाने की थी, और मामला स्थानीय अपराध शाखा को सौंपा गया था। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के माध्यम से, हमें पता चला कि एक पूरे गिरोह द्वारा बंधक बना लिया गया है। चावड़ा ने कहा कि इस बारे में जानने के बाद, अपराध शाखा की एक टीम शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हुई, और एक अन्य लोगों का पता लगाने के लिए पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुई।

दिल्ली पुलिस की मदद से ऑपरेशन हुआ सफल
साथ ही आगे कहा कि हमने दिल्ली पुलिस के एक विशेष प्रकोष्ठ की मदद ली। हमें पता चला कि गिरोह ने एक बच्चे, वरिष्ठ नागरिकों, पुरुषों और महिलाओं सहित 15 लोगों को बंधक बना लिया। उनमें से आठ को ट्रेन से यहां लाया गया था, और शेष व्यक्ति हवाई मार्ग से यहां लाया जा सकता है। उन सभी बंधक लोगों को मुक्त करा लिया है। साथ ही कहा कि पीड़ित मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से बहुत परेशान स्थिति में हैं। आगे की जांच चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें