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Gujarat: पीएम मोदी ने पंचमहल में रखी विकास कार्यों की आधारशिला, कुछ ही देर में पहुंचेंगे मोरबी

Tue, 01 Nov 2022 02:51 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचमहल

सार

विकास कार्यों के अनावरण समारोह में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे। पीएम मोदी कुछ ही देर में मोरबी पहुंचेंगे और वहां रविवार को हुए कैबल पुल हादसे के घायलों से मिलेंगे तथा हालात का जायजा लेंगे। 

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PM Modi lays the foundation of various development works in Panchmahal - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान से गुजरात दौरे पर पहुंच गए हैं। मोरबी जाने के पहले उन्होंने पंचमहल जिले में विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी। 

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विकास कार्यों के अनावरण समारोह में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे। पीएम मोदी आज से तीन दिनी गुजरात दौरे पर हैं। उन्होंने सबसे पहले पंचमहल के जम्बुघोड़ा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।


बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में गहलोत ने की पीएम मोदी की तारीफ
इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को बांसवाड़ा जिले के मानगढ़ धाम में 'मानगढ़ धाम की गौरव गाथा' कार्यक्रम में पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनियाभर में सम्मान मिलता है, क्योंकि वह ऐसे देश के प्रधानमंत्री है, जहां लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं और जो महात्मा गांधी का देश है।

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गहलोत ने कहा, इस देश में 70 साल से लोकतंत्र जिंदा है। बीते 70 साल में हमारा देश कहां से कहां से कहां पहुंच गया। पहले हम गुलामी की जंजीरों से जकड़े हुए थे। इसकी कहानियां हम आज पढ़ रहे हैं। हमारे देश में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत और गहरी हैं। दुनिया को जब एहसास होता है कि उस देश के प्रधानमंत्री हमारे देश में आ रहे हैं तो आप सोच सकते हैं वे कैसा सम्मान देते हैं।

पीएम मोदी ने जवाब में कहा- गहलोत सबसे सीनियर मुख्यमंत्री
भले ही गहलोत ने अपने भाषण में मोदी पर अपने शब्दबाण छोड़े हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे-सीधे कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था और मुख्यमंत्रियों की मुलाकात होती थी, तब उसमें अशोक गहलोत सबसे सीनियर होते थे। आज भी मंच पर तीन मुख्यमंत्री बैठे हैं, जिनमें अशोक गहलोत सबसे सीनियर हैं। उनके जैसे मुख्यमंत्री का मंच पर मौजूद होना गौरव की बात है। इतना कहने के बाद मोदी ने पूरे भाषण में गहलोत को महत्व नहीं दिया। सिर्फ इतना ही कहा कि मानगढ़ धाम को विकसित करने के लिए गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान के साथ ही महाराष्ट्र की राज्य सरकारों को भी प्रयास करने की आवश्यकता है। 

'आदिवासी समाज के बलिदान को इतिहास में नहीं मिली जगह'
पीएम मोदी ने आज बांसवाड़ा में मानगढ़ धाम के दर्शन किए। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से आदिवासी समाज के इस बलिदान को इतिहास में जो जगह मिलनी चाहिए वह नहीं मिली। आज देश उस कमी को पूरा कर रहा है। भारत का अतीत, इतिहास, वर्तमान और भविष्य आदिवासी समाज के बिना पूरा नहीं होता है। 17 नवंबर 1913 को मानगढ़ में जो नरसंहार हुआ वह अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पराकाष्ठा थी। दुनिया को गुलाम बनाने की सोच मानगढ़ की इस पहाड़ी पर अंग्रेजी हुकूमत ने 1500 से ज्यादा लोगों को घेरकर के उन्हें मौत के गाट उतारा था।

मानगढ़ की पहाड़ी पर भील समुदाय की बहादुरी...
मानगढ़ की पहाड़ी भील समुदाय और राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश की अन्य जनजातियों के लिए विशेष महत्व रखती है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यहां भील और अन्य जनजातियों ने लंबे समय तक अंग्रेजों से लोहा लिया। स्वतंत्रता सेनानी श्री गोविंद गुरु के नेतृत्व में 17 नवंबर 1913 को 1.5 लाख से अधिक भीलों ने मानगढ़ पहाड़ी पर सभा की थी। इस सभा पर अंग्रेजों ने गोलियां चला दीं, जिसमें लगभग 1,500 आदिवासियों की जान चली गई।

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