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ऐतिहासिक: गुजरात में 4.7 करोड़ साल पुराने सांप वासुकी की प्रजाति का जीवाश्म मिला, एनाकोंडा से भी बहुत बड़ा आकार

Sun, 21 Apr 2024 07:27 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला नेटवर्क
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गुजरात में मिला वासुकी नाग का जीवाश्म - फोटो : अमर उजाला
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गुजरात में लगभग 4.7 करोड़ साल पहले रहने वाले वासुकी इंडिकस नामक सांप की प्राचीन प्रजाति का पता चला है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित शोध में शोधकर्ताओं ने गुजरात के कच्छ में पनंध्रो लिग्नाइट खदान से बरामद नए नमूने का वर्णन किया है, जो मध्य युगीन काल का है। प्रजाति का नाम पौराणिक सांप के नाम पर वासुकी इंडिकस रखा गया है। वासुकी नाम शिवजी के गले में लिपटे हुए नागराज से लिया गया है। इंडिकस शब्द का मतलब है भारत का। वैज्ञानिकों ने इसे इस नाम से दर्शाया है कि ये नाग भारत में ही पाया जाता था और भगवान शिव के नागराज की तरह ही शक्तिशाली और विशाल था।
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यह लगाया अनुमान
शोधकर्ताओं ने 27 अच्छी तरह से संरक्षित कशेरुकाओं का वर्णन किया है। कशेरुकाओं की लंबाई 37.5 से 62.7 मिमी और चौड़ाई 62.4 से 111.4 मिमी के बीच है और शरीर बेलनाकार है। आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं का दावा है कि ये अब विलुप्त हो चुका नाग दुनिया के सबसे लंबे नागों में से एक रहा होगा। आज के समय के 6 मीटर (20 फुट) वाले एनाकोंडा और अजगर इसके आगे कुछ नहीं थे। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि वासुकी इंडिकस की लंबाई 10.9 से 15.2 मीटर के बीच हो सकती है।
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