गुजरात उच्च न्यायालय ने गलत नामांकन पत्र भरने के कारण 2017 में द्वारका से भाजपा विधायक पबुभा माणेक का निर्वाचन खारिज कर दिया है। यहां अब दोबारा चुनाव होंगे। माणेक के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी ने उच्च न्यायालय में इस मुद्दे को उठाया था कि उन्होंने 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए अपने नामांकन पत्र में काफी गलतियां की थी।
अदालत की एकल पीठ के न्यायाधीश परेश उपाध्याय ने यह आदेश दिया। कांग्रेस नेता मेरामन अहीर ने माणेक के विजयी होने को चुनौती दी थी। माणेक के वकील ने अदालत से अपने फैसले पर चार हफ्तों के लिए रोक लगाने की मांग की थी ताकि वह उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकें। जिसे कि न्यायाधीश उपाध्याय ने खारिज कर दिया।
उच्च न्यायालय ने अहीर की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उनका कहना था कि माणेक की जगह उन्हें द्वारका से निर्वाचित उम्मीदवार घोषित किया जाए। चूंकि अदालत ने माणेक को कोई राहत नहीं दी है ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग को यहां उपचुनाव करवाने होंगे।
अहीर का आरोप था कि दिसंबर 2017 मे हुए चुनाव के दौरान माणेक के प्रस्तावक ने नामांकन पत्र में अपने निर्वाचन क्षेत्र का नाम नहीं लिखा था। जिसके कारण नामांकन अमान्य और निरस्त हो जाता है। अहीर ने बताया था कि उन्होंने इसे लेकर रिटर्निंग अधिकारी के सामने भी अपनी आपत्ति दर्ज की थी जिन्होंने इसे खारिज कर दिया था।