नोटबंदी और जीएसटी के कदम को पीएम नरेंद्र मोदी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेशक गेमचेंजर करार दे रहे हों लेकिन अहमदाबाद के मणिनगर की जनता इसे व्यापार और उद्योग के लिए घाटे का सौदा मान रही है।
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गुजरात की चुनावी सरगर्मी के बीच अमर उजाला ने सूबे की हाईप्रोफाइल सीट मणिनगर का नब्ज टटोला तो पाया कि नोटबंदी और जीएसटी के कदम से अधिकांश लोग नाखुश हैं। मुख्यमंत्री रहते मोदी ने 2002 से 2014 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व गुजरात विधानसभा में किया था।
यहां के लोगों का पीएम मोदी के साथ भावनात्मक लगाव है। कई ऐसे भी लोग हैं, जो पीएम मोदी को राजनीति करते हुए अरसे से देख रहे हैं। उन्हें अब पीएम मोदी की राज्य में कमी भी खल रही है।
मणिनगर के लोग मान रहे हैं कि मोदी के नोटंबदी और जीएसटी के कदम से उनके व्यापार और उद्योगों पर विपरीत असर पड़ा है। बावजूद उसके वे पीएम मोदी में भरोसा जताते हुए भाजपा का साथ देने की बात कर रहे हैं। साथ ही यह संभावना भी जता रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटें तो कम होंगी, लेकिन सरकार भाजपा की बनेगी।
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सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी नरेश भाई, जो अब व्यापार करने लगे हैं, का कहना है कि जीएसटी और नोटबंदी से नुकसान हुआ है। परेशानी से लोगों का बुरा हाल है। पीएम मोदी चर्चा किए बगैर ही फैसले थोप रहे हैं। उनके कदम बेशक देशहित में हैं, लेकिन वो लोगों को विश्वास में नहीं ले रहे हैं। बस फैसले थोपे जा रहे हैं।
हालांकि दबाव बढऩे पर कदम वापस भी ले रहे हैं। इससे बचना चाहिए। बावजूद वे चुनाव में भाजपा को समर्थन देने की बात करते हैं। यह हाल नरेश भाई का ही नहीं है। बल्कि कांकरीया झील में सुबह की सैर करने वाले अधिकांश लोग ऐसा ही मत जताते नजर आए।