2022 गुजरात चुनाव में भावनगर जिले की तलाजा विधानसभा सीट राज्य की अहम सीटों में से एक रही है। इस चुनाव के लिए कांग्रेस ने मौजूदा विधायक कनुभाई बरैया को मैदान में उतारा था लेकिन वो इस चुनाव में हार गये। बरैया को भाजपा के गौतमभाई चौहाण को 43,306 वोटों से हरा दिया। यहां आप तीसरे नम्बर पर रही जबकि सात निर्दलीय उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
इस सीट के सियासी मायने की बात करें तो ये राज्य की सताधारी दल भाजपा एवं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों के लिए के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहती है। इस सीट पर भाजपा ने 1995 से लेकर 2012 तक हुए चुनावों में लगातार जीत दर्ज की थी। भाजपा यहां छह बार तो कांग्रेस पांच बार जीत चुकी है।
2017 में यहां कांग्रेस को जीत मिली
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कनुभाई बरैया ने भाजपा के गौतमभाई गोपाभाई चौहाण को महज 1,779 वोटों से हराया था। हालांकि, कांग्रेस की इस जीत में नोटा ने निर्णायक भूमिका अदा की थी। यहां नोटा को 2,918 वोट पड़े थे जोकि जीत के अंतर से अधिक था। इस चुनाव में 12 उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें से दस उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2017 से पहले 2012 चुनाव में इस सीट को भाजपा ने जीता था। भाजपा की ओर से मैदान में उतरीं भारतीबेन श्याल ने कांग्रेस उम्मीदवार संजय सिंह सरवैया को शिकस्त दी थी।
कांग्रेस ने मौजूदा विधायक का टिकट बरकरार रखा
2022 चुनाव के लिए इस सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक कनुभाई बरैया को टिकट दिया था। वहीं, भाजपा ने पिछले चुनाव कम अंतर से हारने वाले गौतमभाई गोपाभाई चौहाण को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से लालूबेन नरशीभाई चौहान मैदान में थे। इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में भावनगर जिले की 6 सीट पर जीती थी भाजपा
तलाजा सीट, भावनगर जिले के अंतर्गत आने वाली सात सीटों में से एक है। 2017 में जिले की सात में से छह सीट पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, एक सीट पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
कैसे रहे इस बार के नतीजे?
182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।