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Rajkot Rural Assembly Seat: इस सीट पर प्रचंड जीत के बाद भानुबेन बनीं मंत्री, जानें यहां के सियासी समीकरण

Thu, 15 Dec 2022 11:32 AM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा एवं कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी 12 की जमानत जब्त हो गई थी। कांग्रेस ने 1995 में अंतिम बार इस सीट पर जीत हासिल की थी।
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भानुबेन बाबरिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
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गुजरात चुनाव में राजकोट जिले की राजकोट दक्षिण विधानसभा सीट राज्य की अहम सीटों में से एक रही है। यहां हुए पिछले चुनावों में सत्ताधारी दल भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के ही बीच मुकाबला रहा है। अबकी बार भाजपा से भानुबेन बाबरिया मैदान में थीं। उन्होंने आप के वशराम भाई सगाठिया को 48,494 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी।

सोमवार को गुजरात में नई सरकार के गठन के बाद भानुबेन बाबरिया को बड़ी जिम्मेदारी भी मिल गई। भूपेन्द्र सरकार में उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बनाया गया।
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इस सीट के पुराने ट्रेंड्स की बात करें तो इस चुनाव से पहले पांच चुनाव में भाजपा को लगातार जीत हासिल हुई है। कांग्रेस ने 1995 में अंतिम बार इस सीट पर जीत हासिल की थी। आम आदमी पार्टी की ओर से वशराम सगठिया मैदान में थे जो पिछले चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर लड़े थे और कम अंतर से चुनाव हार गए थे। 
2017 में यहां भाजपा को जीत मिली थी  
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार लाखाभाई सगाठिया ने कांग्रेस के वशराम भाई सगाठिया को महज 2,179 वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी 12 की जमानत जब्त हो गई थी। हालांकि, इस जीत में नोटा ने निर्णायक भूमिका निभाई थी जिसे 2,559 वोट मिले थे। 2012 चुनाव में भाजपा के भानुबेन मनोहरभाई बाबरिया ने कांग्रेस उम्मीदवार लाखाराम सगाठिया को शिकस्त दी थी।
मौजूदा विधायक को भाजपा को नहीं दिया था टिकट 
2022 चुनाव के लिए भाजपा ने मौजूदा विधायक लाखाराम सगाठिया को टिकट नहीं दिया था। पार्टी ने उनकी जगह भानुबेन मनोहरभाई बाबरिया को मैदान में उतारा था। वहीं, कांग्रेस ने सुरेशभाई करशनभाई बथवार को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से वशराम सागठिया मैदान में थे। इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में जिले में भाजपा ने जीती थी छह सीट    
राजकोट ग्रामीण विधानसभा सीट, राजकोट जिले में आने वाली आठ विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की आठ में से छह सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
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