यह मुफ्त बिजली नहीं, उससे आय अर्जित करने का समय
अरावली जिले के मोदासा कस्बे में रैली करते हुए पीएम ने कहा, यह समय बिजली से आय अर्जित करने का है न कि इसे मुफ्त हासिल करने का। पीएम का यह बयान आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के चुनावी राज्य गुजरात में मुफ्त बिजली देने के वादों पर आया है। उन्होंने कहा, केवल वह ही यह कला जानते हैं जिससे लोग बिजली से पैसा कमा सकेंगे। वह पूरे गुजरात में लोगों को मुफ्त में मिलने के बजाय सोलर रूफटॉप सिस्टम से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली से पैसा कमाते हुए देखना चाहते हैं।
- पीएम ने कहा, आपने लोगों ने देखा होगा कि कैसे पूरा मोढेरा गांव (मेहसाणा जिले में) अब छत पर सौर ऊर्जा से चल रहा है। वे लोग अपनी जरूरतभर की बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं और अतिरिक्त बिजली सरकार को बेच रहे हैं।
- इस सिस्टम को पूरे गुजरात में लागू करना चाहता हूं। इस सिस्टम के तहत आप सोलर पैनल से पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली को बेचकर पैसा कमा सकते हैं।
केजरीवाल बोले-कांग्रेस समर्थक आप को वोट दें
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में कांग्रेस समर्थकों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें केजरीवाल ने कहा कि लोग कांग्रेस के पक्ष में मतदान न करें, क्योंकि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी पांच से ज्यादा सीटें नहीं जीतेगी। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते वीडियो संदेश में कहा कि केजरीवाल की आप भाजपा की बी टीम है। अपने संदेश में केजरीवाल ने परंपरागत कांग्रेस समर्थकों से आप के लिए वोट करने की अपील की।
कांग्रेस को कोसने के बजाय कुशासन पर बोलें पीएम : खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमारी पार्टी को कोसने से पहले भाजपा के कुशासन के बारे में बोलना चाहिए। गुजरात में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी के कांग्रेस की आलोचना किए जाने को लेकर खरगे ने उन पर पलटवार किया।
- पीएम मोदी ने राष्ट्रपति चुनाव में आदिवासी समुदाय की महिला द्रौपदी मुर्मू का समर्थन नहीं करने को लेकर बुधवार को कांग्रेस को घेरा था। उन्होंने विपक्षी दल पर गुजरात में उसके शासन के दौरान वोट बैंक की राजनीति, भाई-भतीजावाद और ‘असामाजिक तत्वों’ का समर्थन करने का आरोप लगाया था।
- खरगे ने ट्वीट में कहा, नरेंद्र मोदी जी, कांग्रेस को कोसने के बजाय भाजपा के कुशासन पर बोलिए! उन्होंने सवाल किया, गुजरात के बच्चों का भविष्य क्यों बिगाड़ा? क्यों कुपोषित, कम वजन वाले बच्चों के मामले में गुजरात 30 राज्यों में 29वें स्थान पर है? क्यों शिशु मृत्यु दर में राज्य 19वें स्थान पर है? उन्होंने कहा, 27 वर्षों का हिसाब दीजिए। गुजरात जवाब मांगता है।
पहला चरण : 21 फीसदी प्रत्याशियों पर आपराधिक केस, सूची में आप शीर्ष पर
गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 89 सीटों पर 788 उम्मीदवारों में से 167 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि 21 फीसदी प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं, जबकि 13 फीसदी पर गंभीर आरोप हैं। इनमें से 100 उम्मीदवारों पर हत्या और दुष्कर्म जैसे केस दर्ज हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक, आप पार्टी कुल 89 में से 88 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उसके 36 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक केस दर्ज हैं और इस सूची में प्रमुख राजनीतिक दल सबसे ऊपर है।
- एडीआर ने कहा कि उसके 30 फीसदी उम्मीदवार हत्या, दुष्कर्म, हमला, अपहरण जैसे गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं।
- आप की ओर से मैदान में उतारे गए आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की संख्या 32 है।
कांग्रेस के 35 प्रतिशत आपराधिक उम्मीदवार
वहीं कांग्रेस इस सूची में दूसरे नंबर पर है, जिसके 35 प्रतिशत उम्मीदवारों को आपराधिक मामलों के साथ मैदान में उतारा है। इसके 20 फीसदी अभ्यर्थियों पर गंभीर मामले चल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे पुरानी पार्टी पहले चरण में सभी 89 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की संख्या 31 है।
भाजपा के 14 उम्मीदवार दागी
वहीं सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही भाजपा ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 14 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि प्रतिशत के लिहाज से ऐसे उम्मीदवारों की कुल संख्या का 16% है और 12% गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। वहीं पहले चरण में 14 सीटों पर चुनाव लड़ रही भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के चार उम्मीदवार (29%) घोषित आपराधिक मामले वाले हैं।
2017 के चुनाव में 15 प्रतिशत उम्मीदवारों पर थे आपराधिक मामले
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 के विधानसभा चुनावों के पहले चरण में 15 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले थे, जबकि आठ प्रतिशत उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, बीजेपी और बीटीपी ने पहले चरण में क्रमश: 36, 25 और 67 फीसदी आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार उतारे थे।