गुजरात विधानसभा ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पुंजा वंश का सात दिन का निलंबन वापस ले लिया है। विधानसभा अध्यक्ष निमाबेन ने यह निलंबन तब वापस लिया जब सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्षी सदस्यों के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। 4 मार्च को प्रश्नकाल के दौरान गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के खिलाफ कथित रूप से असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में वंश को सात दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद विपक्ष के नेता सुखराम राठवा के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष निमाबेन आचार्य के साथ उनके केबिन में बैठक की थी। इस दौरान उनसे कांग्रेस नेता पुंजा वंश के निलंबन रद्द करने का अनुरोध किया था। सोमवार को सदन में डिप्टी एलओपी शैलेश परमार ने सदन में इसकी जानकारी दी।
साथ ही, मुख्य सचेतक पंकज देसाई ने सदन को सूचित किया कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं के साथ चर्चा की है। देसाई ने कहा कि बैठक के दौरान दोनों दलों में आम सहमति बनी और सांघवी के साथ-साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी कहा है कि वंश का निलंबन रद्द होने पर उन्हें कोई समस्या नहीं है।
सोमवार को वंश के निलंबन को रद्द करने के लिए भाजपा द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव विधानसभा में सत्तारूढ़ दल और सदन में मौजूद कांग्रेस सदस्यों के समर्थन से निर्विरोध पारित कर दिया गया।
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता पुंजा वंश ने 4 मार्च को गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी पर सदन में टपोरी भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया था, जिसे भाजपा ने अपमानजनक और असंसदीय बताया था। हालांकि वंश ने बाद में माफी मांग ली थी और विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशानुसार अपनी टिप्पणी वापस ले ली थी। इसके बाद भी विधानसभा अध्यक्ष ने वंश को सात दिनों के लिए निलंबित कर दिया था।