अदालत ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत दोषी पाया, लेकिन उन्हें धारा 395 (डकैती), 504 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 506 (2) (आपराधिक धमकी) के मामले में बरी कर दिया। अदालत ने कैद की सजा के अलावा प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गुजरात के नर्मदा जिले की राजपीपला सत्र अदालत ने आम आदमी पार्टी के विधायक और नौ अन्य लोगों को छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सजा का एलान किया। सजा पाने वाले विधायक का नाम चैतर वसावा है। दिसंबर 2022 के चुनावों में नर्मदा जिले में अनुसूचित जनजाति-आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र देडियापाड़ा से जीतने वाले चैतर वसावा भाजपा शासित गुजरात में आप के पांच विधायकों में से एक हैं।
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अदालत ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत दोषी पाया, लेकिन उन्हें धारा 395 (डकैती), 504 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 506 (2) (आपराधिक धमकी) के मामले में बरी कर दिया। अदालत ने कैद की सजा के अलावा प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
हालांकि, राजपीपला अदालत के जज एनआर जोशी ने अपराधी की परिवीक्षा अधिनियम के तहत उनकी रिहाई का भी आदेश दिया, बशर्ते सात दिनों के भीतर सभी आरोपियों को 20-20 हजार रुपये का जमानत बॉन्ड भरना होगा। साथ ही अदालत ने उन्हें यह भी निर्देश दिया कि वे दो साल तक शिकायतकर्ता या उसके रिश्तेदारों से संपर्क न करें। साथ ही सजा के बाद रिहाई पाए विधायक और नौ अन्य लोगों को अदालत को अपना वर्तमान पता और मोबाइल फोन नंबर दर्ज कराना होगा।
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फैसला सुनाने के बाद, जज ने देखा कि अभियुक्त किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल नहीं थे। सभी ने अदालत को आश्वासन भी दिया कि वे उचित व्यवहार करेंगे, इसलिए उन्हें परिवीक्षा पर रिहा किया जाना चाहिए।
क्या था मामला जिसमें सजा के साथ रिहाई भी मिली
दरअसल, बोराज गांव के निवासी सतीश वसावा ने आरोप लगाया था कि 19 दिसंबर, 2021 को आरोपियों ने उसकी पिटाई की थी। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत चुनाव में प्रतिद्वंद्वी गुट के उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए उसका मोबाइल फोन और एक सोने की चेन भी छीन ली थी। इसी मामले में अदालत ने सजा सुनाई थी।