भारत के पास इस साल के अंत तक मौसम पूर्वानुमान के लिए नए 18 पेटाफ्लॉप सुपरकंप्यूटर होंगे। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को नोएडा में मंत्रालय के नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्टिंग (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) का दौरा करने के बाद यह घोषणा की। एनसीएमआरडब्ल्यूएफ में फिलहाल 2.8 पेटाफ्लॉप सुपरकंप्यूटर ‘मिहिर’ है, जबकि भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे के पास 4.0 पेटाफ्लॉप सुपरकंप्यूटर ‘प्रत्युष’ है।
रिजिजू ने बताया कि 18 पेटाफ्लॉप वाले नये सुपरकंप्यूटर 900 करोड़ रुपये में खरीदे जाएंगे। मंत्रालय की तय व्यवस्था के अनुसार, एनसीएमआरडब्ल्यूएफ को आठ पेटाफ्लॉप सुपरकंप्यूटिंग पावर आवंटित की जाएगी और शेष 10 पेटाफ्लॉप आईआईटीएम को दिए जाएंगे। दरअसल, पुणे स्थित संस्थान को उच्च सुपरकंप्यूटिंग शक्ति की आवश्यकता होती है क्योंकि यह मौसमी पूर्वानुमानों से संबंधित है, जबकि एनसीएमआरडब्ल्यूएफ तीन से सात दिन पहले की अवधि के लिए मध्यम-श्रेणी के पूर्वानुमान प्रदान करता है।
नई उच्च-शक्ति कंप्यूटिंग सुविधा से ब्लॉक स्तर पर मौसम के पूर्वानुमान में सुधार होने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों को पूर्वानुमान की उच्च रिजॉल्यूशन रेंज देने में मदद मिलेगी, समुद्री जल गुणवत्ता पूर्वानुमान समेत अधिक सटीकता और लीड समय व महासागर राज्य पूर्वानुमान के साथ चक्रवातों की भविष्यवाणी की जाएगी।
ज्यादा सटीक होगा पूर्वानुमान
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने कहा, वर्तमान में, हम 12 किलोमीटर के रिजॉल्यूशन के साथ पूर्वानुमान देते हैं। नये सुपरकंप्यूटर इसे छह किलोमीटर के रिजॉल्यूशन में सुधार देगा। हमारा उद्देश्य एक किलोमीटर के रिजॉल्यूशन पूर्वानुमान को प्राप्त करना है। एनसीएमआरडब्ल्यूएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘मिहिर’ और ‘प्रत्यूष’ को 2018 में लॉन्च किया गया था। नए सुपरकंप्यूटर आने के बाद इन्हें हटा दिया जाएगा।