गुजरात में इन दिनों गरबा पर जीएसटी को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार से गरबा कार्यक्रमों में एंट्री टिकट पर लगने वाले 18 पर्सेंट जीएसटी को वापस लेने की मांग की है। नवरात्रि के दौरान गुजरात में बड़ी संख्या में गरबा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल चल रहा है।
गरबा में एंट्री पास पर जीएसटी का मुद्दा ऐसे आया सामने
गरबा में एंट्री पास पर जीएसटी का मुद्दा हाल में उस समय सामने आया जब 'यूनाइडेट वे ऑफ बड़ौदा' नाम के एनजीओ ने अपनी वेबसाइट पर एंट्री पास की कीमत और जीएसटी को लेकर जानकारी साझा की। यह एनजीओ गरबा इवेंट आयोजित करने के लिए जाना जाता है। वेबसाइट के मुताबिक, 9 दिन के लिए पुरुषों के पास की कीमत 4,838 रुपये है, जिसमें 4100 रुपए एंट्री फीस और 18 फीसदी यानी 738 रुपए जीएसटी है। महिलाओं को एंट्री के लिए 1298 रुपये देने होंगे, जिसमें 1,100 फीस और 198 रुपये जीएसटी शामिल है।
विपक्षी कार्यकर्ताओं ने विरोध में किया गरबा
इसे लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और आप ने वडोदरा, सूरत और वलसाड में मंगलवार और बुधवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए जीएसटी हटाने की मांग की। वडोदरा शहर के कांग्रेस अध्यक्ष ने करीब 10 कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर ऑफिस में गरबा किया। बुधवार को आप कार्यकर्ताओं ने सूरत और वडोदरा की गलियों में गरबा किया। इनमें से कई को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।
सरकार की नजर कमाई पर
वडोदरा में इस तरह के करीब 01 लाख पास जारी होते हैं। इससे राज्य सरकार को जीएसटी के रूप में 1.50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हो सकती है। इसी तरह राजकोट में जारी होने वाले करीब 50 हजार पास से सरकार को 1 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। एंट्री पास के अलावा चनिया चोली पर भी 5 फीसदी से लेकर 12 फीसदी तक जीएसटी वसूलने की तैयारी है। अगर इनकी कीमत 1000 रुपये तक हुई तो 5 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। कीमत 1000 रुपये से ज्यादा होने पर जीएसटी की दर बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगी।
गरबा समारोहों के आयोजक इससे बचने के लिए उपाय भी अपना रहे हैं। सूरत में आयोजकों ने पूरे सीजन के पास के बजाय डेली पास का विकल्प दिया है। डेली पास की कीमत 499 रुपये से कम रहेगी, जिसके चलते इस पर जीएसटी नहीं लगेगा। सरकार ने गरबा के एंट्री पास पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया है। आयोजकों का कहना है कि डेली पास की व्यवस्था होने से गरबा में भाग लेने वाले लोगों को जीएसटी का भुगतान करने से छूट मिल जाएगी।