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Karnataka: बिजली दरों में बढ़ोतरी का कारण गृह ज्योति योजना नहीं, सिद्धारमैया ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा

Fri, 23 Jun 2023 04:21 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

सीएम सिद्धारमैया ने आश्वासन दिया कि वे एफकेसीसीआई द्वारा रखी गई मांगों पर विचार करेंगे। एफकेसीसीआई ने ही बिजली दरों में बढ़ोतरी के कारण व्यापारियों और उद्योगों को होने वाली परेशानियों से अवगत कराया था।
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Siddharmaiah - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गृह ज्योति योजना के कारण बिजली दरों में बढ़ोतरी होने के आरोपो को खारीज कर दिया है। गृह ज्योति योजना के तहत हर महीने आवासीय उपयोग के लिए 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाती है। 
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उन्होंने फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) के एक प्रतिनिधिमंडल से कहा- यह सोचना गलत है कि गृह ज्योति का बोझ दूसरों पर डाल दिया गया है। इस प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष बी वी गोपाल है, जो सीएम से मिलने उनके आवास कृष्णा पहुंचे थे। 

सीएम सिद्धारमैया ने आश्वासन दिया कि वे एफकेसीसीआई द्वारा रखी गई मांगों पर विचार करेंगे। एफकेसीसीआई ने ही बिजली दरों में बढ़ोतरी के कारण व्यापारियों और उद्योगों को होने वाली परेशानियों से अवगत कराया था। सीएम ने स्पष्ट किया कि बढ़ोतरी सरकार के तरफ से नहीं बल्कि कर्नाटक विद्युत नियामक आयोग (केईआरसी) की तरफ से की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली दरों को बढ़ाने का निर्णय उनके पार्टी के सत्ता में आने से पहले केईआरसी द्वारा लिया गया था। 
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सीएम ने प्रतिनिधि मंडल को रक्षा और ऊर्जा मंत्रालय, कर्नाटक लघु उद्योग संघ और (एफकेसीसीआई) के साथ बैठकों के बाद सटीक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। एफकेसीसीआई सदस्यों ने सीएम सुद्धारमैया से छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी को नौ प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत तक करने की मांग की। उन्होंने सीएम से ईंधन वृद्धि शुल्क में भी रियायत प्रदान करने की अपील की। साथ ही अन्य राज्यों में मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यमों (एमएसएमई) के लिए बनाई गई एक नीति को तैयार करने का सुझाव भी दिया। 
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