ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
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तमिलनाडु के कन्नूर में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में एकमात्र बचे जवान ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह अपनी जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं। उन्हें बेंगलुरु के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरुण सिंह ने तेजस विमान को उड़ाते समय तकनीकी समस्या आने के बाद भी उसे सफलतापूर्वक लैंड कराया था। इसी कारण उन्हें इस साल अगस्त महीने में शौर्य चक्र से भी नवाजा गया था।
शौर्य चक्र मिलने के बाद बीते सितंबर में ही वरुण सिंह ने हरियाणा के चंडीमंदिर स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए प्रेरणा देने वाली कई बातें लिखी थीं। इस पत्र में छात्रों के नाम संदेश में वरुण सिंह ने कहा था कि औसत दर्जे का होने में कोई भी बुराई नहीं है। सभी छात्र 90 प्रतिशत अंक नहीं ला सकते। हां, यह जरूर है कि जो ऐसा कर पाते हैं, उनकी सराहना होनी चाहिए।
वरुण ने पत्र में छात्रों से आगे कहा कि अगर आप औसत दर्जे के हैं तो यह बिल्कुल भी मत समझिए कि आप इसी के लिए बने हैं। आप स्कूल में औसत हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आप जीवन भर औसत ही रहेंगे। आप अपने मन की सुनिए कि आप क्या करना चाहते हैं। यह कला, संगीत, साहित्य या ग्राफिक डिजाइन कुछ भी हो सकता है। आप जो भी करिए उसे बेहतर ढंग से करें और अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए।
उन्होंने छात्रों को बताया कि वह स्वयं भी एक औसत छात्र ही थे और बहुत मशक्कत से उन्हें 12वीं में प्रथम श्रेणी के अंक मिले थे। उन्हें एविएशन का क्षेत्र पसंद था और आज एक ऐसा समय आया है, जब उन्हें राष्ट्रपति की ओर से शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा रहा है। वरुण सिंह ने यह पत्र 18 सितंबर 2021 को लिखा था।