अमेरिका की ऊर्जा मंत्री जेनिफर ग्रानहोम ने शुक्रवार को कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल तथा एकजुट प्रयायों के जरिए शून्य (नेट जीरो) उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। ग्रानहोम ने जी-20 की स्वच्छ ऊर्जा पर 14वीं मंत्रिस्तरीय बैठक और आठवें ‘मिशन इनोवेशन’ की यहां आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए वैश्विक ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व के लिए उसकी सराहना की।
उन्होंने कहा, शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उभरती प्रैद्योगिकियों का इस्तेमाल सर्वोपरि है। इसे हासिल करने का एकमात्र तरीका है समान लक्ष्य साझा करना और एकजुट होना। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को अपनाने में तेजी लाने और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रों के बीच बनाए गए सहयोगात्मक प्रयासों और साझेदारियों की सराहना की। ग्रैनहोम ने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी देशों, व्यवसायों, शहरों और संस्थानों द्वारा स्वच्छ ऊर्जा समाधानों की सक्रिय तैनाती के महत्वपूर्ण महत्व पर प्रकाश डाला। अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा परिवर्तन में सबसे आगे रहने में भारत की प्रमुख स्थिति और स्वच्छ ऊर्जा पहल को आगे बढ़ाने में की गई महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना की।
'मिशन इनोवेशन' के सचिवालय प्रमुख एलेनोर वेबस्टर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन संकट के बीच नेतृत्व एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि मुख्य कार्रवाई है। वेबस्टर ने कहा कि यह मिशन नीतियों के क्रियान्वयन के बारे में है। उन्होंने कहा कि चुनौती की गंभीरता को समझने के लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग आवश्यक है।
ब्राजील के खान एवं ऊर्जा मंत्री एलेक्जेंडर सिल्वेरा डी ओलिवेरा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उनका देश अगले साल जी-20 की अध्यक्षता करेगा। उन्होंने टिकाऊ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की दिशा में वैश्विक परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए देश की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के प्रति ब्राजील के गतिशील दृष्टिकोण ने इसे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।
मिशन इनोवेशन (एमआई) स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में तेजी लाने और पेरिस समझौते के लक्ष्यों और शुद्ध शून्य के रास्ते की दिशा में प्रगति के लिए 23 देशों और यूरोपीय आयोग (यूरोपीय संघ की ओर से) की एक वैश्विक पहल है।