औरंगजेब की मजार हटाने की मांग के बीच महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने हिंदुत्ववादी संगठनों से कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाएगी और वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं। राणे ने शिवाजी महाराज को 'धर्मनिरपेक्ष राजा' के रूप में पेश करने के प्रयासों की भी आलोचना की।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को बाबरी मस्जिद के विध्वंस का जिक्र करते हुए हिंदुत्ववादी संगठनों से कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाएगी और वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं। इस बीच, दक्षिणपंथी संगठनों ने मुगल शासक औरंगजेब की मजार को हटाने की मांग की। अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले राणे ने छत्रपति शिवाजी महाराज को 'धर्मनिरपेक्ष राजा' के रूप में पेश करने के प्रयासों की भी निंदा की।
वहीं, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने औरंगजेब की मजार को 'तकलीफ और गुलामी' का प्रतीक बताते हुए छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुल्दाबाद में प्रदर्शन किया। शिवाजी महाराज के जन्म स्थान शिवनेरी किले में उनकी जयंती के मौके पर राणे ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा,'सरकार अपना काम करेगी और हिंदुत्ववादी संगठनों को अपना काम करना चाहिए। जब बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया जा रहा था, तो हम एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे थे। हमारे कारसेवकों ने वहीं किया जो उचित था।'
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वीएचपी ने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में सरकारी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया और औरंगजेब की मजार को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपे। इसके बाद वीएचपी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती तो वे छत्रपति संभाजीनगर जिले में मार्च करें और मजार को ध्वस्त कर देंगे।
राणे ने शिवाजी महाराज को एक 'धर्मनिरपेक्ष राजा' के रूप में पेश करने की कोशिशों की आलोचना करते हुए कहा, हमें इस बात पर जोर देना चाहिए कि शिवाजी महाराज हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक थे। यह पहचान-बार-बार दोहराई जानी चाहिए, ताक कुछ समूहों के प्रयासों को विफल किया जा सके, जो उन्हें धर्मनिरपेक्ष राजा के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवाजी महाराज की सेना में मुसलान सैनिक नहीं थे। राणे ने कहा, यह सही नहीं है कि सिर्फ कुछ लोग ही इतिहास को समझते हैं और बाकी नहीं। हमारे पास भी ज्ञान के स्रोत हैं जो हमारा मार्गदर्शन करते हैं।