मानव संसाधन विकास मंत्रालय देश भर के 20 करोड़ से अधिक बच्चों के लिए एक ट्रैकिंग सिस्टम लाने वाला है। एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाने वाले बच्चों की प्रगति पर नजर रखने के लिए इसका उपयोग किया जाएगा।
इससे ड्राप आउट यानी उन छात्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी जो बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं। मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को ट्वीट के माध्यम से मंत्रालय द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए कई कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल से सर्व शिक्षा अभियान की हर दिन ऑनलाइन निगरानी होगी।
संप्रग शासनकाल के दौरान ऐसा एक साल में एक बार होता था, जिससे तुरंत समाधान नहीं मिल पाता था। मंत्रालय एक पोर्टल बना रहा है। इसके द्वारा देश में स्कूली शिक्षा के आंकड़ों के विभिन्न स्रोत केंद्रीयकृत हो जाएंगे। टीचर एजुकेशन इंस्टीट्यूट के लिए पहली बार एक पोर्टल लाया जा रहा है। इससे पारदर्शिता और ग्रेडिंग सुनिश्चित होगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनका मंत्रालय मिश्रित स्कूल बनाने में राज्यों की मदद कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अब से एनसीईआरटी द्वारा नेशनल असेसमेंट सर्वे हर साल किया जाएगा। पहले यह तीन साल में एक बार होता था। एक अन्य ट्वीट में स्मृति ईरानी ने बताया कि उनके मंत्रालय की शाला सिद्धि स्कीम के दायरे में सभी स्कूलों को लाया जाएगा।