विमानन कंपनी स्पाइसजेट के विमानों में तकनीकी खराबी की शिकायतों के क्रम में सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में जानकारी दी है। नागर विमानन राज्य मंत्री वी के सिंह ने सोमवार को कहा कि विमानन नियामक डीजीसीए ने नौ जुलाई से 13 जुलाई के बीच स्पाइसजेट के 48 विमानों की 53 मौकों पर जांच की, लेकिन इसमें कोई बड़ा सुरक्षा उल्लंघन नहीं पाया गया। गौरतलब है कि हाल ही में डीजीसीए ने स्पाइस जेट को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
नागर विमानन राज्यमंत्री वीके सिंह ने अपने लिखित बयान में कहा कि "हालांकि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने स्पाइसजेट को आदेश दिया है कि वह पहचाने गए 10 विमानों का उपयोग नियामक से पुष्टि करने के बाद ही करे।
गौरतलब है कि विमानन नियामक डीजीसीए ने पिछले 18 दिनों में तकनीकी खामी को लेकर छह जुलाई को स्पाइसजेट को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि 'आंतरिक सुरक्षा निरीक्षण खराब होने और रखरखाव को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाये जाने से सुरक्षा में कमी आयी है।
नागर विमानन राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा कि नोटिस जारी करने के तीन दिन बाद ही नियामक ने स्पाइसजेट के विमानों की जांच शुरू कर दी थी। ये जांच 13 जुलाई को पूरी की गई थी। इस दौरान 48 विमानों की कुल 53 मौकों पर जांच की गई, जिसमें कोई बड़ी महत्वपूर्ण खोज या सुरक्षा उल्लंघन नहीं पाया गया।
छह जुलाई को स्पाइसजेट को भेजे अपने नोटिस में रेगुलेटर ने कहा था कि एयरलाइन एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के तहत सुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय हवाई सेवाएं देने में सफल नहीं रही है। नियामक ने नोटिस का जवाब देने के लिए एयरलाइन को तीन सप्ताह का समय दिया था। DGCA की ओर से जारी की गई नोटिस पर केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा था कि सुरक्षा में बाधा डालने वाली छोटी से छोटी त्रुटि की भी गहन जांच की जाएगी और उसे सही किया जाएगा।
DGCA की ओर से शोकॉज नोटिस जारी होने की खबरों के मीडिया में आने के बाद स्पाइसजेट ने भी इस मामले में अपनी सफाई दी थी। कंपनी की ओर से कहा गया था कि स्पाइसजेट ने पिछले साल अक्टूबर में रिसर्टीफिकेशन के लिए हुए ऑडिट को सफलतापूर्वक पूरा किया था। DGCA की ओर से समय-समय पर ऑडिट किया जाता रहा है। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया था कि स्पाइसजेट DGCA और नागर विमानन के प्रावधानों के अनुरूप अपनी विमान सेवाओं का संचालन कर रही है।