हाल ही में आए बजट में कर्मचारी भविष्य निधि खाते (ईपीएफ) पर लगने वाले टैक्स और उस पर हो रहे विवाद के बाद अरुण जेटली ने इस फैसले को वापस लेने की घोषणा की है। सरकार ने यह फैसला ईपीएफ पर लगने वाले टैक्स पर चौतरफा दबाव के वापस वापस ले लिया।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अरुण जेटली को यह निर्देश दिया था कि वह इस मामले को जल्द से जल्द निपटा लें जिसका बाद इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि सरकार अपने इस फैसले को वापस ले सकती है। बजट सत्र से बाद ईपीएफ टैक्स पर सरकार के बयान लगातार बदल रहे थे जिसके बाद जेटली ने इस मुद्दे पर संसद में अपना पक्ष स्पष्ट करने की बात कही थी।
मंगलवार को संसद में सरकार का पक्ष रखते हुए अरुण जेटली ने ईपीएफ निकासी पर लगने वाले टैक्स को वापस लेने का ऐलान किया। जेटली के इस ऐलान के बाद नौकरीपेशा लोगों में खुशी की लहर है।