केंद्र सरकार ने गुरुवार को जूट के लिए न्यूनतम मूल्य तय कर दिया है। इस संबंध में जूट आयुक्त ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। जूट आयुक्त मोलॉय चंद्र चक्रवर्ती ने अधिसूचना में कहा कि कृषि स्तर पर जूट की न्यूनतम कीमत 5,050 रुपये प्रति क्विंटल और कोलकाता में डिलीवरी के लिए 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। बता दें कि जूट को ‘गोल्डन फाइबर’ के रूप में भी जाना जाता है।
सरकार के इस कदम की सराहना की जा रही है। बता दें कि सरकार ने ये कदम तब उठाया जब ये खबरें आई थी कि सबसे अधिक कारोबार वाली किस्म टीडी5 की औसत कच्चे जूट की कीमतें बुधवार को 4,100 रुपये तक गिर गई थीं। जूट आयुक्त मोलॉय चंद्र चक्रवर्ती ने कहा कि सभी प्रकार के जूट की न्यूनतम कीमत 31 अक्टूबर तक या कच्चे जूट के किसी भी व्यापार के लिए अगले आदेश तक लागू रहेगी।
उन्होंने साफ कर दिया है कि इस आदेश में बताई गई दरों के अलावा अन्य दरों पर कोई भी खरीदारी या लेनदेन नहीं किया जाएगा।
बता दें कि हाल ही में जूट किसानों ने पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अपनी उपज के लिए बेहतर कीमतों और एमएसपी में वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इन जिलों में नादिया, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, उत्तर 24-परगना और हुगली शामिल थे। जूट किसानों ने सड़कों को जाम कर दिया था और जूट की गांठों में आग लगा दी थी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में लगभग 5-6 लाख लोग जूट की खेती में लगे हुए हैं।
इस दौरान जूट आयुक्त ने न्यूनतम मूल्य को लागू करने की आवश्यकता के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्रों के माध्यम से पूरी खेती की आबादी को कवर करना हमेशा संभव नहीं होता है। ऐसे में यह आदेश किसानों और जूट सामान निर्माताओं दोनों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने के लिए जारी किया गया है।