अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में मोदी सरकार ने कांग्रेस पर पूरी तरह शिकंजा कसने का मन बना लिया है। यही वजह है कि मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ रक्षा मंत्रालय ने भी अपना रुख कड़ा कर लिया है।
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने शीर्ष अधिकारियों की एक टीम गठित की है जो सीबीआई और ईडी को रक्षा सौदे की तकनीकी बारीकियों को समझने में मदद करेगी। यह टीम यूपीए के कार्यकाल के दौरान हुए इस सौदे से जुड़ी 30 से भी अधिक फाइलों को बारीकी से खंगाल रही है। रक्षा मंत्रालय विदेश मंत्रालय की मदद से इस मामले में इटली की अदालत के फैसले का अनुवाद भी करवा रही है।
परिकर के मुताबिक इटली की अदालत के फैसले के इतालवी भाषा से अंग्रेजी में अनुवाद का काम हफ्ते भर में पूरा कर लिया जाएगा। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सीबीआई पूर्व मंत्रियों और अफसरशाहों से नए सिरे से पूछताछ करेगी।
सूत्रों के मुताबिक पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी इस डील पर हो रहे फैसले के दौरान इटली के एक होटल में अगस्ता के अधिकारियों के साथ मिले थे जिसमें वहां के वायुसेना के पूर्व प्रमुख भी मौजूद थे। गौरतलब है कि त्यागी और उनके तीन भाई इस मामले के मुख्य आरोपी हैं। सीबीआई को सौदे के मनी ट्रेल में त्यागी बंधुओं के खिलाफ अहम सुराग मिले हैं।