केंद्र सरकार ने देशभर में पशु बाजार में वध के लिए जानवरों की बिक्री पर लगी रोक हो हटा लिया है। यह बदलाव पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम से संबंधित ड्रॉफ्ट नियम में किया गया है। सभी पक्षों से चर्चा के बाद नए नियमों के लागू होने के बाद गाय समेत सभी जानवरों की पशु बाजारों में खरीद-फरोख्त हो सकेगी, यहां तक वध के लिए भी।
सरकार ने पिछले साल 23 मई 2017 को प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल्स रूल्स को लागू किया था। इसके तहत वध करने के लिए बाजार में दुधारू पशुओं की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी गई थी। साथ ही खरीदार और विक्रेता को यह लिखकर देना होता था कि पशुओं की खरीद-फरोख्त वध के लिए नहीं की जा रही है। इसका देशभर में भारी विरोध हुआ था।
केरल सरकार ने केंद्र के सामने इस मुद्दे को उठाया था। वहीं मद्रास हाईकोर्ट की मदुरई पीठ ने अधिसूचना पर रोक लगा दी थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी पिछले साल जुलाई में नियमों पर स्टे दे दिया था। पुराने ड्रॉफ्ट रूल्स की जगह प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल्स इन एनिमल मार्केट रूल्स 2018 (ड्रॉफ्ट) ले रहा है।
नए ड्रॉफ्ट में पशुओं की बिक्री संबंधी क्रूरता और क्या करना है, क्या नहीं का भी जिक्र किया गया है। उदाहरण के अनुसार, पशुओं की पहचान के लिए हॉट या कोल्ड ब्रांडिंग, सींगों को साझा करना, घोड़ों की बिशिपिंग और भैंसों के कान काटने जैसे क्रूरताओं को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही नए ड्रॉफ्ट में यह भी कहा गया है कि पशु बाजार में जवान और अनफिट नहीं जानवरों की भी बिक्री की जा सकेगी।