इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अब पूरे देश में सोलर एनर्जी के माध्यम से बिजली बचत की मुहिम शुरू करेगा। इसके लिए एसोसिएशन ने सोलर एनर्जी एंड ई-व्हीकल कमेटी के चेयरमैन को जिम्मेदारी दी है। एसोसिएशन ने कमेटी के चेयरमैन के तौर पर तारिक हसन नकवी को नियुक्त किया है। नकवी ने बताया कि उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि 2022 तक सोलर एनर्जी का तय लक्ष्य ना सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में हासिल किया जाए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नकवी ने पूरा रोडमैप भी तैयार कर लिया है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बीते लंबे समय से काम कर रहे विशेषज्ञ तारिक हसन नकवी ने बताया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2022 तक सोलर एनर्जी के माध्यम से एक लाख मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। जबकि उत्तर प्रदेश में यही लक्ष्य 2022 तक 10700 मेगावाट का है। नकवी कहते हैं कि सोलर एनर्जी से एमएसएमई को सबसे ज्यादा फायदा होगा। उन्होंने कहा लेकिन सरकार की कुछ नीतियों के चलते इसका अभी लाभ लघु एवं मध्यम उद्योग को नहीं मिल पा रहा है। वह कहते हैं कोविड के दौरान यह इंडस्ट्री चरमरा गई है। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से इस इंडस्ट्री को सोलर एनर्जी के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सोलर एनर्जी एंड ई-व्हीकल कमेटी के चेयरमैन नकवी कहते हैं दरअसल लघु एवं मध्यम उद्योग में नेट मीटरिंग व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। इस व्यवस्था में सोलर एनर्जी के माध्यम से जितनी बिजली ग्रिड में जाती थी उतने यूनिट बिजली का वित्तीय लेखा-जोखा वित्तीय वर्ष के अंत में किया जाता था। नकवी के मुताबिक जितनी बिजली ग्रिड में जाती थी उसका बिल बिजली विभाग के बिल के साथ एडजस्ट किया जाता था। अब इस व्यवस्था को फिलहाल लघु एवं मध्यम उद्योग के लिए बंद कर दिया गया है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के मुताबिक लघु एवं मध्यम उद्योग को बढ़ावा मिले इसलिए नेट मीटरिंग व्यवस्था को दोबारा चालू किया जाना चाहिए। इसके लिए उनका संगठन केंद्र और राज्य सरकार पर लगातार ना सिर्फ दबाव बना रहा है बल्कि संबंधित महकमे और अधिकारियों से संपर्क में भी है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के मुताबिक उनकी पूरी कोशिश है उनके संगठन से जुड़े हजारों उद्यमी सोलर एनर्जी के माध्यम से देश में लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करें। इसके लिए उनके संगठन की बनाई गई नई कमेटी सभी उद्यमियों की न सिर्फ मदद करेगी बल्कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के साथ मिलकर एक पुल के तौर पर काम भी करेगी।