तमिलनाडु में पेरुंदुरई के एक सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका को छात्रों से शौचालय साफ करवाना महंगा पड़ गया। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि प्रधानाध्यापिका ने छात्रों पर शोचालय साफ करने का दवाब बनाया, टीचर पर छात्रों ने शौचालय साफ करने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, छह छात्रों में से एक को शौचालय की सफाई के बाद बुखार हो गया। छात्र को 21 नवंबर को किए गए कार्य के दौरान मच्छरों ने काट लिया था। उसकी मां ने इस मामले को इरोड जिला कलेक्टर एच कृष्णनुन्नी के समक्ष उठाया था। जिन्होंने शिक्षा विभाग को इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसके बाद प्रधानाध्यापिका पर जांच बिठाई गई। यह पता चला कि छह छात्रों को दो शौचालयों को साफ करने के लिए कहा गया था। वहीं शौचालय मुख्य रूप से शिक्षकों द्वारा उपयोग किया जाता है और दूसरे का छात्रों द्वारा किया जाता है। बात बढ़ने पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की बात कही थी।
बाद में शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापिका को सामने पेश होने का आदेश दिया था लेकिन वह फरार हो गई। इस बीच एक अन्य छात्र की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस मामले को देख रही है। पुलिस ने बताया कि फरार स्कूल संचालक की तलाश की जा रही है।
लेगिंग पहनने वाली शिक्षिका को परेशान करने का आरोप
वहीं, केरल के मलप्पुरम में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने अपनी प्रधानाध्यापिका पर विद्यालय परिसर में लेगिंग पहनकर आने पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। शिक्षिका के मुताबिक, प्रधानाध्यापिका ने उससे कहा कि लेगिंग ‘सभ्य’ पोशाक नहीं है। जब शिक्षिका ही इस तरह के कपड़े पहनकर आएगी तो छात्र-छात्राओं से पोशाक पहनकर आने की उम्मीद कैसे की जा सकेगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है।