प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन) मामले में झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल का अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर को कुर्क कर लिया है। इसके साथ ही ईडी ने पूजा सिंघल की 82.77 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति भी कुर्क की है।
ईडी ने गुरुवार को बताया कि एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, एक डायग्नोस्टिक सेंटर और जेल में बंद झारखंड की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की 82.77 करोड़ रुपये की दो जमीनें मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत कुर्क की गई हैं।
जब्त की गई संपत्तियों में पल्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, इसी नाम का डायग्नोस्टिक और इमेजिनिंग सेंटर और रांची में स्थित दो भूखंड शामिल हैं। 2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी सिंघल को मनरेगा योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था।
एजेंसी ने उसके परिसरों पर छापेमारी भी की थी। मामले में व्यवसायी पति और एक चार्टर्ड एकाउंटेंट भी शामिल थे। उन्हें राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया था। अधिकारी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
आंध्र प्रदेश के मंत्री की बेनामी संपत्ति कुर्क
इस बीच आयकर विभाग ने आंध्र प्रदेश के श्रम मंत्री गुम्मनुर जयराम की कुर्नूल स्थित 30.83 एकड़ जमीन कुर्क कर ली है। आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम-1988 की धारा-23(3) का इस्तेमाल करते हुए अस्पारी गांव स्थित संपत्ति को 90 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर कुर्क किया है। कुर्क की गई 30.3 एकड़ जमीन 180 एकड़ जमीन का हिस्सा है, जिसे कथित तौर पर जयराम के परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम पर दो मार्च 2020 को खरीदा गया था।