प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के अच्छे दिन लाने का एक और बड़ा प्रयास किया है। 2016-17 के खरीफ सत्र के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने में पीएम ने दरियादिली दिखाई है। दलहन और तिलहन के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी का एलान करते हुए कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों तहत दलहन के एमएसपी में अच्छी बढ़ोतरी की गई है।
425 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अरहर का समर्थन मूल्य 5,050 रुपये प्रति क्विंटल और 375 रुपये की बढ़त के साथ मूंग का समर्थन मूल्य 5,225 किया गया है। उड़द के मूल्य में भी 375 रुपये की बढ़ोतरी के साथ एमएसपी 5,000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
तीनों ही दाल के समर्थन मूल्य में 425 रुपये का बोनस भी शामिल है। तिलहन के समर्थन मूल्य में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए नारियल के दाम में 190 रुपये, सोयाबीन के मूल्य में 175 रुपये और सूरजमुखी के समर्थन मूल्य में 150 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
धान का एमएसपी 60 रुपये बढ़ाकर 1,470 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इस मामले में सरकार ने कृषि मूल्य परामर्श संस्था के सुझावों से आगे बढ़कर दर निश्चित किया है। बताया जा रहा है कि एमएसपी तय करने के मामले में पीएम मोदी ने खुद दिलचस्पी ली है।
सरकार की ओर से दलहन पर 100 रुपये बोनस देने की बात चल रही थी। मगर पीएम ने कैबिनेट में कहा कि उन्होंने किसानों का लाभ अगले पांच साल में दोगुना करने का वचन दिया है। इसलिए एमएसपी में अधिक वृद्धि करना जरूरी है। यही वजह है कि कैबिनेट बैठक बुधवार सुबह होने के बाद भी एलान में देर किया गया।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में एमएसपी दर तय किए जाने के बाद फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि दो साल के लगातार सूखे की मार झेलने के बाद बेहतर मानसून के मद्देनजर सरकार कृषि क्षेत्र में वृद्धि के प्रति आशान्वित है।
उन्होंने बताया कि 2016-17 के खरीफ सत्र के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,470 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। तो ए-श्रेणी के धान का एमएसपी बढ़ाकर 1,510 रुपये क्विंटल कर दिया गया है। पिछले सत्र में सामान्य धान का एमएसपी 1,410 रुपये और ए-ग्रेड के धान के लिए 1,450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था।