शनिवार को शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने आदेश ट्वीट करते हुए लिखा कि स्कूली शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड में लोगों को गलतफहमियां हैं। इसलिए मैं ड्रेस कोड स्पष्ट करने के लिए अधिसूचना शेयर कर रहा हूं। अधिसूचना में कहा गया है कि कुछ स्कूली शिक्षक अपने पसंदीदा कपड़े पहनकर स्कूल आते हैं।
असम सरकार ने स्कूल शिक्षकों के लिए आदेश जारी किए हैं। आदेश में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड जारी किया गया है। आदेश जारी करते हुए सरकार ने कहा कि शिक्षक कभी-कभी ऐसे कपड़े पहन लेते हैं, जो जनता को स्वीकार्य नहीं होते। शुक्रवार को जारी अधिसूचना में कहा गया था कि शिक्षकों को औपचारिक सादे रंगों के कपड़ों में स्कूल आना होगा।
जानिए शिक्षा मंत्री ने ट्वीट में क्या कहा
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शनिवार को शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने आदेश ट्वीट करते हुए लिखा कि स्कूली शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड में लोगों को गलतफहमियां हैं। इसलिए मैं ड्रेस कोड स्पष्ट करने के लिए अधिसूचना शेयर कर रहा हूं। अधिसूचना में कहा गया है कि कुछ स्कूली शिक्षक अपने पसंदीदा कपड़े पहनकर स्कूल आते हैं, जो समाज में स्वीकार्य नहीं है। समाज शिक्षक को शालीनता का एक उदाहरण मानता है। इसलिए इसके अनुरूप ही ड्रेस कोड का पालन करना होगा। ड्रेस कोड पालन करने से मर्यादा, शालीनता और गंभीरता दर्शाता है।
यह होगा ड्रेस कोड
अधिसूचना में ड्रेस कोड के बारे में स्पष्ट रूप से बताया गया है। निर्धारित ड्रेस कोड के अनुसार, पुरुष शिक्षकों को शर्ट-पैंट पहनना चाहिए, जो सादे रंग का हो और औपचारिकता दर्शाता हो। वहीं महिला शिक्षक सूट-सलवार, साड़ी और मेखेला-चादोर पहन सकती हैं। स्कूल में महिला शिक्षकों के लिए टीशर्ट, जींस और लेगिंग जैसे कपड़े वर्जित हैं। शिक्षकों के लिए निर्देश है कि उन्हें साफ रंगों के विनम्र और सभ्य कपड़े पहनने चाहिए, जिसमें शिक्षक की मर्यादा कायम रहे।