पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के एगरा के खादीकुल इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही घायलों का अस्पताल में अब भी इलाज जारी है। मामले में CM ममता बनर्जी ने ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिजनों को 2.5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
बंगाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार देर शाम विस्फोट में घायल हुई पिंकी मैती फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी हालत भी बेहद नाजुक है। अधिकारी का कहना है कि शुक्रवार शाम घायल रविंद्रनाथ मैती ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मैती को थर्ड डिग्री बर्न इंजरी थी। उनका शरीर 80 फीसदी से अधिक जल चुका था। मैती को एसएसकेएम सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां हालत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई थी। शुक्रवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया था। नोटिस में आयोग से सरकार से चार सप्ताह के भीतर विस्फोट पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
यह है पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार दोपहर एगरा के सहड़ा क्षेत्र में अचानक तेज विस्फोट की आवाज स्थानीय लोगों ने सुनी थी। लोग भागकर मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि फैक्ट्री की छत उड़ गई थी। फैक्ट्री के पास क्षत-विक्षत हालत में लोगों की लाशें पड़ी थी। कुछ लाशें तो सड़कों पर आ गई हैं। विस्फोट में कई लोग इसमें झुलस गए थे। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लोगों की मदद से मृतकों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस का कहना है कि जिस जगह पर विस्फोट हुआ है, वह ओडिशा की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है। पुलिस ने घटना स्थल को घेर लिया है। विस्फोट के बाद पटाखा कारखाने में आग भी लग गई थी, जिस वजह से पास की झोपड़ी में भी आग लग गई थी। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला था।
भाजपा ने लगाए आरोप
मामले में भाजपा ने आरोप लगाया है कि अवैध फैक्ट्री को तृणमूल कांग्रेस के नेता कृष्णपांडा चला रहा था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजुमदार ने इसकी जांच एनआईए से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एनआईए जांच की मांग को लेकर वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखेंगे। वहीं दूसरी ओर, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि अभी तक उनके पास पांच लोगों के मारे जाने की खबर है। उन्होंने मारे गए लोगों के परिजनों को 2.5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा, यदि इस मामले की एनआईए जांच होती है, तो उनको कोई आपत्ति नहीं है। वह चाहती हैं कि सच सामने आए।