दो साल की बेरुखी के बाद इस साल बादलों की मेहरबानी हो सकती है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस साल सामान्य बारिश होगी। उसने राज्यों को फसल का रकबा और जून से शुरू हो रहे खरीफ सीजन में उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
कृषि सचिव एसके पटनायक ने सोमवार को 2016-17 के लिए खरीफ अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि अल नीनो की स्थिति कमजोर हो रही है। माना जा रहा है कि इसकी जगह ला नीना ले लेगा और इससे मानसून बेहतर होगा। मौसम विभाग इस महीने के अंत तक अपना पूर्वानुमान जारी करेगा। इसके बाद मानसून को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। सचिव ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे खरीफ की बुवाई के लिए पहले से तैयारी कर लें। बीज, खाद और दूसरी जरूरी चीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।
देश में पिछले लगातार दो सालों से सामान्य से कम बारिश हुई है। इसका सीधा असर उपज पर पड़ा है। फसल वर्ष 2014-15 (जुलाई से जून) में देश का अनाज उत्पादन घटकर 252.02 मिलियन टन रह गया था, जबकि इससे पिछले वर्ष में यह आंकड़ा 265.04 मिलियन टन था। वर्तमान फसल वर्ष 2015-16 में 253.16 मिलियन टन उत्पादन होने का अनुमान है।