भारत 1 जुलाई से जीएसटी पर आगे बढ़ने की पूरी तैयारी कर चुका है इससे ठीक दो दिन पहले दुनिया के कई देशों में बड़ा साइबर हमला हुआ है। रैंसमवेयर के इस हमले ने मंगलवार को यूरोप, यूक्रेन, रूस में कई बड़ी कंपनियों के साथ ही मुंबई स्थित कंटेनर पोर्ट जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) को भी चपेट में ले लिया था। इन साइबर हमलों के बाद जीएसटी नेटवर्क को लेकर केंद्र सतर्क हो गया है।
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जीएसटी नेटवर्क के सीईओ ने कहा है कि कंपनी ने अपना डाटा सुरक्षित करने के लिए सभी सावधानियां बरती हैं।
वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के 1 जुलाई से क्रियान्वयन की तैयारियों में जुटी भारत सरकार इस हमले को लेकर काफी सतर्क दिखाई दी। सूचना व प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने साइबर हमले को लेकर पहले से कदम उठाए हैं और इस बारे में परामर्श जारी है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत इससे ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है लेकिन जेएनपीटी बंदरगाह के एक टर्मिनल का कामकाज जरूर प्रभावित हुआ है। इस बीच, जीएसटी नेटवर्क ने वैश्विक साइबर हमले को लेकर जीएसटी संबंधी चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है।
चिंता की बात नहीं
जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश कुमार ने कहा कि आईटी कंपनी ने सभी एहतियाती कदम उठाए हैं। आजादी के बाद देश में सबसे बड़े कर सुधार को लागू होने में चूंकि सिर्फ दो दिन ही शेष बचे हैं इसलिए इससे जुड़े लोगों को उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी आंकड़े सुरक्षित हैं और चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल इसका परिचालन प्रभावित नहीं हुआ है और पंजीकरण का काम सुगमता से चल रहा है। नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के तहत जीएसटीएम पूरा आईटी ढांचा संभाल रही है और प्रतिमाह 3 अरब इनवाइस का डाटा भी स्टोर करेगी।