प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एचएसबीसी कालाधन सूची की जांच के सिलसिले में यहां के एक व्यवसायी के जमा 1.59 करोड़ रुपये जब्त कर लिया है। यह राशि इस व्यक्ति द्वारा कथित रूप से विदेश में छिपाकर रखी गई रकम के बराबर है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि उसने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) में हाल ही में लाई गई धारा 37 ए (1) के तहत यह कार्रवाई की। यह धारा ईडी को इस बात का अधिकार देता है कि यदि भारत के बाहर इस कानून का उल्लंघन कोई विदेशी धन या अचल संपत्ति रखी गई है तो वह भारत में उसके बराबर की संपत्ति जब्त कर सकती है। यह एचएसबीसी कालाधन सूची में फेमा के तहत पहली कार्रवाई की गई है।
एजेंसी ने कहा कि उसने फेमा के तहत चेन्नई के प्रदीप डी कोठारी की 1.59 करोड़ रुपये की चल संपत्ति जब्त की है। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने 3,52,258 डॉलर (वर्तमान में 2.2 करोड़ रुपये) के विदेशी मुद्रा के क्रेडिट के सिलसिले में कोठारी के खिलाफ जांच शुरू की थी। यह धन एचएसबीसी बैंक में रखा गया है। संदेह है कि भारत के बाहर यह धन रखकर फेमा का उल्लंघन हुआ है।