दूरसंचार कंपनियों को अब सामान्य नेटवर्क अथवा इंटरनेट के जरिए किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय कॉल, सैटेलाइट फोन कॉल, कॉन्फ्रेंस कॉल और मैसेज का रिकॉर्ड कम से कम दो साल तक सुरक्षित रखना होगा। दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने देश के सभी यूनिफाइड लाइसेंस (यूएल) धारक दूरसंचार कंपनियों के लिए निर्देश जारी कर दिया है।
सामान्य कॉल और मैसेज का रिकॉर्ड दो साल तक सुरक्षित रखने के लिए डीओटी दिसंबर में ही निर्देश जारी कर चुका है। पहले ये सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए एक साल की अवधि तय थी। यूएल धारक कंपनियों में भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल शामिल हैं। यूएल के तहत सैटेलाइट फोन सेवा के अतिरिक्त अन्य सभी दूरसंचार सेवाएं दी जाती हैं।
डीओटी ने 27 जनवरी को जारी सर्कुलर में कहा है, लाइसेंस धारकों को सभी व्यावसायिक कॉल रिकॉर्ड, कॉल डाटा रिकॉर्ट, एक्सचेंज की जानकारी, इंटरनेट प्रोटोकॉल रिकॉर्ड को सुरक्षा कारणों से कम से कम दो साल तक सुरक्षित रखना होगा। इसके बाद यदि प्राधिकारियों द्वारा इन्हें सुरक्षित रखने का निर्देश नहीं जारी किया जाता है तो इन रिकॉर्ड को नष्ट किया जा सकता है। अवधि बढ़ाने का निर्देश टाटा कम्युनिकेशंस, सिस्को वेबएक्स, एटीएंडटी ग्लोबल नेटवर्क आदि पर भी लागू होगा।