पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मुर्शिदाबाद सहित पश्चिम बंगाल के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्णय पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने उचित समय पर उचित निर्णय लिया है। दंगा प्रभावित क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती आवश्यक है।
राज्यपाल बोस ने कहा, 'कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद सहित पश्चिम बंगाल के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है। उन क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और सामान्य स्थिति लाने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती आवश्यक है। मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ भी स्थिति पर चर्चा की है। मुझे खुशी है कि हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया और उचित समय पर उचित निर्णय दिया।'
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मुर्शिदाबाद को बंगाल से अलग करने की चल रही साजिश: घोष
इस बीच, भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले को बंगाल से अलग करने की साजिश चल रही है। हिंदू इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ हो रही है। हिंदुओं की हत्या की गई है, फिर भी डीजीपी कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
सीएम ममता पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप
वहीं, नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने सीएम ममता पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में यहां हिंदू त्योहार मनाने के लिए कोर्ट जाना पड़ता है। आज भी काफी हिंसा हुई। स्थिति पुलिस नियंत्रण से बाहर है। अब तक 35 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं। ममता बनर्जी तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं।
बंगाल में हिंदु सुरक्षित नहीं: अधिकारी
अधिकारी ने आगे कहा कि मैंने पहले भी राज्यपाल को बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए पत्र लिखा था। बीते कल मैंने मुख्यमंत्री से भी अपील की थी। जब इन लोगों ने मेरी बात नहीं सुनी तो मुझे कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि कल कॉलेज स्क्वायर में भाजपा की रैली है। जमीनी हकीकत यह है कि बंगाल में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं, स्थिति बहुत गंभीर और नाजुक है।
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मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी: वकील मुखर्जी
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील अनीश मुखर्जी, जिन्होंने केंद्रीय बलों की तैनाती और एनआईए जांच की मांग करते हुए एक जनहित याचिका दायर की है, ने कहा कि पिछले कई दिनों से हम पूरे पश्चिम बंगाल में विशेष रूप से मुर्शिदाबाद जिले में व्यापक हिंसा देख रहे हैं। हाईकोर्ट ने ममता सरकार और केंद्र दोनों को स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होनी है। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई के बाद, कोर्ट ने निर्देश दिया कि मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती तुरंत की जानी चाहिए। राज्य प्रशासन केंद्रीय बलों की सहायता करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी तरह से जानमाल की हानि या बाधा या कानून का उल्लंघन न हो।
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