केंद्र सरकार ने बेहतर होती बाजार स्थितियों को देखते हुए स्वर्ण मौद्रीकरण योजना (जीएमएस) को बुधवार से बंद करने का निर्णय लिया है। हालांकि, बैंक अपनी अल्पकालिक स्वर्ण जमा योजनाओं (एक से तीन साल) को जारी रख सकते हैं। बता दें कि जीएमएस में अल्पकालिक बैंक जमा (एक-तीन वर्ष), मध्यम अवधि सरकारी जमा (पांच-सात वर्ष) और दीर्घकालिक सरकारी जमा (12-15 वर्ष) के रूप में तीन घटक शामिल हैं।
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क्या है स्वर्ण मौद्रीकरण योजना, समझिए
स्वर्ण मौद्रीकरण योजना की घोषणा 15 सितंबर 2015 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय परिवारों और संस्थानों के पास रखे गए सोने को वित्तीय संस्थाओं में लाकर उसका उपयोग उत्पादक उद्देश्यों के लिए करना था। दावा किया जाता है कि भारत में सोने का एक बहुत बड़ा भंडार पड़ा हुआ है, जिसे लोग पारंपरिक रूप से अपने घरों में रखते हैं। इस योजना का उद्देश्य इस सोने का सही उपयोग करना था, ताकि इससे सोने के आयात पर निर्भरता कम की जा सके और इससे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके।