गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे
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गोवा भारत का पहला ऐसा राज्य है, जहां चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा के लिए एक टास्क फोर्स कमेटी गठित की गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने सोमवार को यह दावा किया। यह बयान उन्होंने नौ अगस्त को कोलकाता में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की घटना की पृष्ठभूमि में दिया।
राणे ने कहा, गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं। इस टास्क फोर्स की अध्यक्ष जीएमसी के डीन डॉक्टर एस.एम बांडेकर करेंगे। उन्होंने कहा, कमेटी के सदस्य फॉरेंसिक मेडिसिन, प्रसूति और स्त्री रोग, पैथोलॉजी, श्वसन चिकित्सा, आपातकालीन और आघात, मनोचिकित्सा विभागों के प्रमुख होंगे। साथ ही अकादमिक निदेशक, अस्पताल में नर्सों की प्रभारी, छात्र परिषद के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य मंत्री के सलाहकार शामिल होंगे।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, निगरानी बढ़ाने, स्ट्रीट लाइट की कमी वाले क्षेत्रों में रोशनी में सुधार और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी जैसी गोवा एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स की (गार्ड) की मांगों को भी तेजी से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, टास्ट फोर्स कमेटी एक सख्त समय सीमा के तहत काम करेगी। कमेटी यह सुनिश्चित करेगी सभी उपायों और मांगों को तुरंत और प्रभावी ढंग से संबोधित किया जाए। हम अपने स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा औ जीएमसी में सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।