थरूर की ओर से यह टिप्पणी तब सामने आई है, जब कुछ दिन पहले उत्तराखंड विधानसभा ने यूसीसी विधेयक को पारित किया है। यह अन्य भाजपा शासित राज्यों के लिए इसी तरह का कानून बनाने के लिए एक उदाहरण के रूप में काम कर सकता है। उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है और वहां के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हैं।
इस विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप (बिना शादी के साथ रह रहे जोड़े) के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। इसके मुताबिक, लिव-इन-रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चों को वैध माना जाएगा। इसके अलावा, लिव-इन-रिलेशन टूटने पर भी सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। यह विधेयक मुसलमानों के एक वर्ग के बीच प्रचलित बहुविवाह और हलाला पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगाता है। हालांकि, विवाह अलग-अलग अनुष्ठानों जैसे स्पतपदी, निकाह, आनंद कारिज आदि के जरिए संपन्न किए जा सकते हैं।
थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, मैं वर्षों से कह रहा हूं कि बेडरूम, किचन, डाइनिंग टेबल या लिविंग रूम में सरकार के लिए कोई जगह नहीं है। लेकिन, यही वह जगह है जहां भाजपा अलग है। उत्तराखंड इसे साबित करता है: लिव-इन-जोडों के लिए पंजीकरण नियम (बेडरूम), गोमांस प्रतिबंध (रसोई और डाइनिंग टेबल और मिनी बार नियम (लिविंग रूम)। तानाशाही वाले राज्य की कार्रवाई देखनी है तो उत्तराखंड जाइए। लेकिन अगर आप आजादी को महत्व देते हैं तो वोट देकर भाजपा को बाहर करें।