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Coronavirus Medicine: संक्रमण की शुरुआत में हो सकेगा कोरोना का इलाज, ग्लेनमार्क फार्मा ने बनाई दवाई

Sun, 21 Jun 2020 12:54 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने बनाई कोरोना की दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
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ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए दवा पेश की है। इस बात की जानकारी कंपनी ने शनिवार को एक बयान में दी। ग्लेनमार्क ने शनिवार को कहा कि इसने वायरस के हल्के और कम लक्षण वाले कोरोना मरीजों के इलाज के लिए फैबीफ्लू (FabiFlu) ब्रांड नाम से एंटीवायरल दवा फेविपिराविर लॉन्च की है।

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मुंबई की कंपनी ने शुक्रवार को कहा था कि उसे भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) से इस दवा के विनिर्माण और विपणन की अनुमति मिल गई। कंपनी ने कहा कि फैबिफ्लू कोविड-19 के इलाज के लिए पहली खाने वाली फेविपिराविर दवा है, जिसे मंजूरी मिली है।


ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ग्लेन सल्दान्हा ने कहा, 'यह मंजूरी ऐसे समय मिली है जबकि भारत में कोरोना वायरस के मामले पहले की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली काफी दबाव में है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि फैबिफ्लू जैसे प्रभावी इलाज की उपलब्धता से इस दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
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सल्दान्हा ने कहा कि क्लिनिकल परीक्षणों में फैबिफ्लू ने कोरोना वायरस के हल्के संक्रमण से पीड़ित मरीजों पर काफी अच्छे नतीजे दिखाए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यह खाने वाली दवा है जो इलाज का एक सुविधाजनक विकल्प है। उन्होंने कहा कि कंपनी सरकार और चिकित्सा समुदाय के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देशभर में मरीजों को यह दवा आसानी से उपलब्ध हो सके।

दवा के लिए करने होंगे इतने खर्च

यह दवा चिकित्सक की सलाह पर 103 रुपये प्रति टैबलेट के दाम पर मिलेगी। जबकि यह दवा 34 टैबलेट की स्ट्रिप के लिए 3,500 रुपये के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर 200 मिलीग्राम टैबलेट के रूप में उपलब्ध होगी। यानि 14 दिन के इलाज पर लगभग 14 हजार रुपये खर्च करने होंगे।

ऐसे लें खुराक

पहले दिन इसकी 1800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी। उसके बाद 14 दिन तक 800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी। ग्लेनमार्क फार्मा ने कहा कि मामूली संक्रमण वाले ऐसे मरीज जो मधुमेह या दिल की बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें भी यह दवा दी जा सकती है।  खुराक से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। 18 से 75 वर्ष के मरीज इस दवा का उपयोग कर सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में शनिवार को कोरोना वायरस के एक दिन में रिकॉर्ड 14,516 मामले सामने आए। अब देश में इस महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या 3,95,048 हो गई है। यह महामारी देश में अब तक 12,948 लोगों की जान ले चुकी है।

इन लोगों  के लिए इस दवा की सिफारिश नहीं की गई है 

गंभीर किडनी या लीवर की बीमारियों से ग्रसित लोगों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को यह दवा बिल्कुल भी नहीं लेनी है।

कब से मिलेंगी यह दवा और कहां होंगी उपलब्ध

स्टोर में यह दवा सोमवार से मिलने लगेगी। टैबलेट का उत्पादन कंपनी द्वारा हिमाचल प्रदेश के बद्दी में किया जा रहा है। ग्लेनमार्क ने कहा कि यह दवा अस्पतालों और खुदरा चैनल दोनों माध्यम से उपलब्ध होगी। ग्लेनमार्क ने कहा कि कंपनी ने अपने इन-हाउस रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम के माध्यम से फैबिफ्लू के लिए सक्रिय फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (एपीआइ) और फॉर्म्युलेशन को सफलतापूर्वक विकसित किया है।

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