संभल में मंडी किशनदास सराय में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने खुलेआम वार्डन पर शोषण करने का आरोप लगाया है। छात्राओं का आरोप है कि यहां की वार्डन उनसे तेल मालिश, चंपी और हाथ-पैर दबवातीं हैं। स्कूल की सफाई तथा कपड़े भी धुलवातीं हैं। काम नहीं करने पर चप्पलों से पीटती हैं।
परेशान करने की नीयत से स्कूल में कठिन प्रश्न के जवाब पूछतीं है। नहीं बताने पर भी जमकर पिटाई करतीं हैं। इससे छात्राएं दहशत में रहती हैं। मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। वहीं, छात्राओं की शिकायत पर कोतवाली में एनसीआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने पांचों छात्राओं का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया है।
वार्डन की उत्पीड़न से तंग छात्राओं ने सोमवार को विद्यालय के एकाउंटेंट के मोबाइल फोन से डिस्ट्रिक ओआर्डिनेटर शैलजा मिश्रा को फोन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वार्डन मैडम उनकी रोज पिटाई करतीं हैं। साथ ही काम के लिए दबाव बनाती रहतीं हैं। शैलजा मिश्रा ने बीएसए सुंदर सक्सेना को इसकी जानकारी दी।
बीएसए ने शैलजा मिश्रा और नगर शिक्षा अधिकारी बबीता सिंह को स्कूल भेजा। छात्राओं के बयान लिए गए। सभी पीड़ित कक्षा आठ की छात्राएं हैं। छात्राओं ने पुलिस तथा शिक्षा विभाग की अधिकारियों के सामने रो-रोकर आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनसे वहां पर बर्तन साफ कराए जाते हैं। वार्डन मैम अपने सिर में तेल मालिश और चंपी करवातीं हैं।
अपना शरीर भी दबवाती हैं। काम नहीं करने पर छात्राओं को क्लास में कठिन प्रश्न देती हैं। उत्तर नहीं देने पर वे खूब पीटती हैं। पूरे स्कूल की सफाई और कपड़े धुलवातीं हैं। बाद में नगर शिक्षा अधिकारी बबीता सिंह की तहरीर पर पुलिस ने वार्डन के खिलाफ मारपीट के आरोप में एनसीआर दर्ज कर ली है।
पहले भी मिल चुकी है वार्डन के खिलाफ शिकायत
वार्डन के खिलाफ मार्च में शिकायत की गई थी। डीएम ने तीन सदस्यों की जांच समिति बना दी थी, जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी बबिता सिंह, बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक रमा भट्ट और समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक शैलजा मिश्रा शामिल थीं। जांच चल रही थी। डीएम ने 31 मार्च को सपना गुप्ता को काम सुधारने के आदेश दिए।
वार्षिक नवीनीकरण पर रोक लगा दी और सिर्फ एक महीने का नवीनीकरण किया। एक मई को महीना पूरा हो गया। इसके बाद 13 मई को एक बार फिर जांच करके यह परीक्षण करने के लिए आदेश दिए गए कि सपना गुप्ता के कार्य में कोई सुधार हुआ है या नहीं। शैलजा मिश्रा गुरुवार को यहां आईं। इसके बाद यह मामला सामने आ गया है।
दो स्तरीय जांच हो रही है। एक जांच पुलिस करेगी दूसरी विभाग के स्तर से जांच हो रही है। जांच प्रभावित न हो इसके मद्देनजर सपना गुप्ता को रिठाली आईटीआई में चल रहे विकलांग प्रशिक्षण शिविर से संबद्ध किया गया है। मंडी किशनदास सराय के कस्तूरबा विद्यालय का चार्ज सुनीता यादव को दिया गया है।
सुंदरम सक्सेना, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
वार्डन को फटकार लगा चुके हैं डीएम
विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं मेरी बेटियां हैं। मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है। छात्राओं को भड़काया गया है। मैं आज विद्यालय नहीं थीं। उसी समय विभागीय अधिकारी शैलजा मिश्रा वहां आईं और पांच छात्राओं को अपने साथ ले गईं। रजिस्टर में लिखा गया है कि छात्राओं को इनके माता-पिता के साथ जा रहे हैं, जबकि हकीकत में माता-पिता तो विद्यालय में आए ही नहीं। जिन छात्राओं को मोहरा बनाकर आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके साथ शोषण हुआ होता तो उनके अभिभावक मेरे ही कार्यकाल में दाखिला क्यों कराते। मुझे यकीन है कि निष्पक्ष जांच होने पर आरोपों की कलई खुल जाएगी।
सपना गुप्ता, वार्डन, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संभल नगर।
वार्डन सपना गुप्ता पर पहले भी कई बार आरोप लग चुके हैं। अभिभावकों ने वार्डन की शिकायत भी की है। ताजा शिकायत मार्च में बीएसए व जिला अधिकारी से की गई थी। जिलाधिकारी ने तब वार्डन को फटकार लगाई थी तथा उनकी सेवाओं का वार्षिक नवीनीकरण नहीं किया था। बल्कि एक माह के लिए नवीनीकरण करके सुधार लाने के निर्देश दिए थे। नगर शिक्षा अधिकारी बबीता सिंह, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रमा भट्ट व जिला समन्वयक समेकित शिक्षा शैलजा मिश्रा को शामिल किया था। जांच में कुछ अभिभावकों व छात्राओं ने आरोपों की पुष्टि की है।