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Gujarat: सरकार ने कहा- UK की कंपनी ने नहीं दी स्टडी रिपोर्ट, इसलिए नहीं लागू हो सकी फेरिस व्हील की परियोजना

Tue, 17 Oct 2023 09:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

Gujarat: सरकार की एक इकाई का यह बयान एक मीडिया रिपोर्ट के जवाब में आया है, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि बहुप्रचारित परियोजना को एसआरएफडीसीएल द्वारा स्थगित कर दिया गया है। इस परियोजना के लिए 2011 में वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दौरान समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
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Ferris wheel - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गुजरात सरकार की एक इकाई ने मंगलवार को कहा कि साबरमति नदी के तट पर लंदन आई जैसी विशाल फेरिस व्हील स्थापित करने की प्रस्तावित परियोजना लागू नहीं की जा सकी। ब्रिटेन की कंपनी टेक्नो-फिजिबिलीटी रिपोर्ट को जमा करने विफल रही। 

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साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआरएफडीसीएल) ने कहा कि 2016 में ब्रिटेन की प्रस्तावक फर्म सलोरिया आर्किटेक्ट्स को जारी किए गए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) को एसआरएफडीसीएल ने नवंबर 2018 में रद्द कर दिया था। एसआरएफडीसीएल साबरमती रिवरफ्रंट के विकास के लिए अहमदाबाद नगर निगम का एक विशेष प्रयोजन माध्यम (एसपीवी) है।

यह बयान एक मीडिया रिपोर्ट के जवाब में आया है, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि बहुप्रचारित परियोजना को एसआरएफडीसीएल द्वारा स्थगित कर दिया गया है। इस परियोजना के लिए 2011 में वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दौरान समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

एसआरएफडीसीएल ने कहा कि सलोरिया आर्किटेक्ट्स ने सरदार पुल और अंबेडकर पुल के बीच साबरमती रिवरफ्रंट पर प्रसिद्ध लंदन आई की तर्ज पर एक विशाल फेरिस व्हील स्थापित करने के लिए 2011 में गुजरात पर्यटन विभाग के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। 

जनवरी 2014 में केवल एक बोलीदाता स्टारनेथ दुबई के साथ सलोरिया आर्किटेक्ट्स जेवी ने एसआरएफडीसीएल को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जमा की, जिसके अनुसार एक विशाल पहिया और अन्य आकर्षण स्थापित करने की पूरी परियोजना की लागत लगभग 1,600 करोड़ रुपये होगी और इस परियोजना के लिए 20,500 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी।  

एसआरएफडीसीएल ने कहा कि सितंबर 2016 में एसआरएफडीसीएल ने बोलीदाता कंपनी को एक एलओआई भेजा और उसे तीन महीने के भीतर तकनीकी-व्यवहार्यता अध्ययन (टेक्नो-फिजिबिलिटी स्टडी  रिपोर्ट के साथ एक विस्तृत प्रस्ताव जमा करने को कहा।

हालांकि, तीन बार विस्तार देने और समय सीमा नवंबर 2017 तक बढ़ाने के बावजूद प्रस्तावक फर्म रिपोर्ट प्रस्तुत न कर सकी। चूंकि, आशय पत्र में एक खंड था कि यदि बोलीदाता अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रहता है तो एलओआई रद्द किया जा सकता है। आखिरकार, एसआरएफडीसीएल की परियोजना समिति ने नवंबर 2018 में एलओआई रद्द कर दिया।
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उन्होंने कहा, लंदन आई परियोजना के बारे में ये तथ्य बताते हैं कि एसआरएफडीसीएल, परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी त्रुटि या देरी के लिए जिम्मेदार नहीं था। यह ब्रिटेन स्थित एजेंसी थी जो क्रियान्वयन न करने के लिए जिम्मेदार थी।
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