देश में कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। पिछले पांच दिनों से लगातार नए मरीजों की संख्या 40 हजार के बार बनी हुई है। वहीं भारत में एक सप्ताह के दौरान 5934 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग हुई है, जिनमें से 15 फीसदी में खतरनाक स्वरूप मिले हैं। इन 15 में से 14.60 फीसदी स्वरूप अकेले डेल्टा से जुड़े हैं।
हाल ही में इन्साकॉग ने साप्ताहिक बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि एक सप्ताह के दौरान 894 सैंपल में गंभीर स्वरूप मिले हैं। इनमें 868 में डेल्टा, छह में डेल्टा प्लस, नौ में अल्फा, एक में बीटा और 10 सैंपल में कप्पा व डेल्टा वन स्वरूप मिले हैं। दूसरी लहर के दौरान करीब करीब गायब हो चुके अल्फा और बीटा स्वरूप फिर दिखने लगे हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में अब तक 78,865 सैंपल की सीक्वेंसिंग हो चुकी है। इनमें से 31,124 में वायरस के गंभीर स्वरूप मिल चुके हैं। अब तक देश में कोरोना वायरस के 232 म्यूटेशन मिल चुके हैं और इनमें से 18 म्यूटेशन गंभीर श्रेणी में रखे गए हैं।
टीके के बाद संक्रमित होने वालों की संख्या तीन लाख पार स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में टीका लगवाने के बाद संक्रमित होने वालों की संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है । 3.25 लाख में से करीब 1.80 लाख से अधिक लोग पहली खुराक लेने के बाद संक्रमित हुए हैं।
कुछ महीने पहले सरकार ने आरटी-पीसीआर जांच फॉर्म में टीकाकरण का कॉलम भी जोड़ा था। अधिकारी के अनुसार अब तक देश में टीकाकरण खत्म करने के बाद संक्रमण होने पर किसी भी मरीज की मौत दर्ज नहीं की गई है।
टीके के बाद संक्रमित होने वालों की संख्या तीन लाख पार
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में टीका लगवाने के बाद संक्रमित होने वालों की संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है। 3.25 लाख में से करीब 1.80 लाख से अधिक लोग पहली खुराक लेने के बाद संक्रमित हुए हैं।
कुछ महीने पहले सरकार ने आरटी-पीसीआर जांच फॉर्म में टीकाकरण का कॉलम भी जोड़ा था। अधिकारी के अनुसार अब तक देश में टीकाकरण खत्म करने के बाद संक्रमण होने पर किसी भी मरीज की मौत दर्ज नहीं की गई है।