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कांग्रेस ने ऐसा क्यों कहा कि 'मोदी कोड ऑफ कंडक्ट' है या 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' है

Fri, 19 Apr 2019 09:30 PM IST
अमर शर्मा डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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रणदीप सिंह सुरजेवाला-नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर को चैक करने वाले अधिकारी को सस्पेंड किए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी ने एनडीए-भाजपा सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता ने कहा, लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि देश में 'मोदी कोड ऑफ कंडक्ट' है या 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' है। वह अधिकारी जो चुनाव आयोग द्वारा जारी 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' को बनाए रखने के लिए अपनी ड्यूटी कर रहा था, लेकिन उसी चुनाव आयोग ने उसे केवल इस वजह से सस्पेंड कर दिया कि उसने मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने का प्रयास किया। कांग्रेस पार्टी ने पहले भी चुनाव आयोग से मांग की थी कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ चलने वाले बड़े ब्लैक बॉक्स का रहस्य मालूम किया जाए। ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी है कि इतना बड़ा बॉक्स मोदी के साथ चल रहा है। 
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बता दें कि बीते मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के समक्ष काले रंग के ब्लैक बॉक्स का मुददा उठाया था। उन्होंने कहा था कि यह बात अत्यंत विचित्र है कि प्रधानमंत्री जैसे उच्च पदासीन व्यक्ति के हेलिकॉप्टर में इतना बड़ा ब्लैक बॉक्स साथ रहता है। ये कर्नाटक का विषय है, इसकी शिकायत तुरंत चुनाव आयोग को कर दी गई थी। चुनाव आयोग के यहां से नोटिस भी जारी किया गया। 

सिंघवी का कहना था कि अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष जहां बैठे थे, उससे 100-200 मीटर दूर एक गाड़ी में लगभग 2 करोड़ रुपये पाए गए। कहीं पर मोदी की रैली से पहले भारी मात्रा में नकदी पकड़ी जाती है। भाजपा की ओर से कभी भी ऐसे मामलों में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। 
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कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि इस मामले की जांच में देरी न हो। जनता यह जानता चाहती है कि पीएम के हेलिकॉप्टर में चलने वाले ब्लैक बॉक्स का राज क्या है। अगर ऐसा कोई काला बॉक्स लेकर हम दिल्ली की सड़कों पर घूमने लगे तो तुरंत ईडी या आईबी वाले पहुंच जाते हैं। कांग्रेस नेता का आरोप था कि ये विचित्र बात है कि सत्तारूढ़ पार्टी में इतने बड़े ओहदे पर बैठे व्यक्ति के पीछे छुपकर ऐसे काम हो रहे हैं। 
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नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
शुक्रवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेसवार्ता में कहा, क्या इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के कानून से बड़े हैं, क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के संविधान से बड़े हैं। क्या 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' अब मोदी कोड ऑफ कंडक्ट बन गया है। क्या इस देश में इलेक्शन ऑब्जर्वर को अपना काम करने के लिए बर्खास्तगी की सजा दी जाएगी। 

क्या प्रधानमंत्री के हैलिकॉप्टर को चैक नहीं किया जा सकता। क्या प्रधानमंत्री भी एक प्रचारक और उम्मीदवार नहीं हैं। चुनाव आयोग को नरेंद्र मोदी से इतनी घबराहट क्यों हो रही है। अगर एक अधिकारी ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा का बोध दिखाते हुए प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर चैक करने का साहस दिखाया है तो उसे शाबाशी देने की बजाए, उसको सस्पेंड कर निरुत्साहित किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा, इस घटना से साबित होता है कि देश में कोई कानून और संविधान प्रधानमंत्री मोदी पर लागू नहीं होता। देश के 70 साल के इतिहास में पहली बार कानून और संविधान लागू करने के लिए एक अधिकारी को संस्पेंड किया गया है। वो भी सरकार के द्वारा नहीं, चुनाव आयोग के द्वारा। चुनाव आयोग को अपने इस कार्य पर, अपने इस निर्णय पर दोबारा से विचार करने की भी जरूरत है। आयोग को आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या वह संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा पा रहे हैं। 

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने द्वारा यह कहे जाने पर कि चुनाव आयोग के पास दम दिखाने का मौका था, जो उसने गंवा दिया। कांग्रेस नेता ने कहा, कुरैशी ने सही कहा है कि चुनाव आयोग को अपने अफसर पर कार्रवाई की बजाए उसे प्रोत्साहन देना चाहिए था। 
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