सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग शनिवार को 43 साल की सर्विस के बाद रिटायर हो गए। बतौर सेना प्रमुख आखिरी दिन मीडिया को संबोधित करते हुए दलबीर सुहाग ने कहा कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती (आतंरिक या बाहरी) का सामना करने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित और तैयार है।
उन्होंने कहा कि मेरे ढाई साल के कार्यकाल में सेना ने आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया है। 2012 में हमने 67 आतंकी मारे, 2013 में यह आंकड़ा 65 रहा और इस साल सिर्फ जम्मू-कश्मीर में 141 आतंकी मार गिराए।
सुहाग ने कहा, 'मेरा मजबूत विश्वास रहा है कि शब्दों से ज्यादा कार्रवाई में दम होना चाहिए। कार्यभार संभालने के बाद पहले ही दिन मैंने कहा था कि किसी भी एक्शन की दशा में हमारा जवाब पर्याप्त, तात्कालिक और घातक होना चाहिए।'
सैन्य बलों के लिए वन रैंक वन पेंशन लागू करने के लिए दलबीर सिंह सुहाग ने केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। साथ ही ऑपरेशन्स को अंजाम देने के लिए मिली छूट के लिए प्रधानमंत्री और सरकार के सपोर्ट के लिए भी धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि 'मैं उन जवानों को सलाम करता हूं कि जिन्होंने देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।' इससे पहले जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने गॉर्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और अमर जवान ज्योति जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
बता दें कि दिल्ली में ही बिपिन रावत ने अगले सेना प्रमुख के रूप में शनिवार को पदभार ग्रहण किया है।