आप सुनकर चौंक जाएंगे कि जलवायु परिवर्तन की वजह से इतना बड़ा असर दिखने लगा है। पेड़, पौधों से लेकर पहाड़ और बर्फ तक पर संकट के बादल छाने लगे हैं। केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को अल्मोड़ा के गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान ने जलवायु परिवर्तन के पड़ने वाले ऐसे असर की एक रिपोर्ट दी है, जो चौंकाती है।
जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण संस्थान की केंद्रीय मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक हिमालयन रीजन में ग्लेशियर अपना स्थान छोड़कर पीछे जा रहे हैं। यानी बर्फ के तेजी से पिघलने के कारण ग्लेशियर पिघल रहे हैं और अपनी जगह से पीछे जा रहे हैं, जहां वे वर्षों पहले हुआ करते थे। हालाकिं रिपोर्ट ने सकारात्मक संकेत भी दिए हैं, कि हिमालयन रीजन में ग्लेशियरों की संख्या भी बढ़ रही है।
पर्यावरणविद रमेश चंद्र पांडेय कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन का असर तो पड़ ही रहा है। बदलते पर्यावरण का असर ही है कि हिमालय क्षेत्र में तमाम तरह की आपदाएं देखने को मिल रही हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के सुपर्णो कहते हैं कि अगर वक़्त रहते हम लोग नहीं चेते, तो आने वाले दिनों में और संकट हो जाएगा। हमें अपने पर्यावरण को बचाने के लिए हर प्रयास करने ही पड़ेंगे।