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Gautam Navlakh: नवलखा की पार्टनर साहबा हुसैन ने शराब की बोतलें और सिगरेट पुलिस को सौंपे, NIA ने जताई थी आपत्ति

Mon, 05 Dec 2022 06:06 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

गौतम नवलखा फिलहाल अपने घर में नजरबंद हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीते 19 नवंबर को, 70 वर्षीय नवलखा को जेल से रिहा कर दिया गया था। इसके बाद से वह नवी मुंबई स्थित अपने घर में नजरबंद हैं।
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विस्तार
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एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी गौतम नवलखा की पार्टनर साहबा हुसैन ने शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट पुलिस को सौंप दिए हैं। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने नवलखा को जिस घर में नजरबंद किया गया है, उसके परिसर में शराब और सिगरेट लाए जाने पर आपत्ति जताई थी। बता दें कि नवलखा फिलहाल अपने घर में नजरबंद हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीते 19 नवंबर को, 70 वर्षीय नवलखा को जेल से रिहा कर दिया गया था। इसके बाद से वह नवी मुंबई स्थित अपने घर में नजरबंद हैं।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि नवलखा के साथ रहने वाली साहबा हुसैन ने निजी इस्तेमाल के लिए शराब की दो बोतलें और सिगरेट लाई थीं. नवलखा को नजरबंद किए जाने से पहले जब घर की तलाशी के लिए एनआईए की टीम आई थी तो उन्होंने एजेंसी के अधिकारियों को इस बारे में बताया था। साहबा ने जांच एजेंसी के अधिकारियों को बताया था कि ये सामान उनके खाने के लिए थे न कि नवलखा के लिए, जो न तो शराब पीते हैं और न ही धूम्रपान करते हैं। लेकिन एनआईए के अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई थी।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि हुसैन ने इसके बाद एनआईए को पत्र लिखकर बताया कि उन्होंने शराब की बोतलें स्थानीय पुलिस को सौंप दी हैं। उन्हें घर से बाहर जाने की अनुमति है। जबकि नवलखा को पर्याप्त सुरक्षा के साथ दिन में 40 मिनट टहलने के लिए बाहर जाने की अनुमति दी गई है।
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सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर घर में नजरबंद करने की नवलखा की याचिका मंजूर कर ली थी। उन्होंने कई बीमारियों से ग्रसित होने का दावा किया था। गौतम नवलखा को एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में अप्रैल 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित 'एल्गार परिषद' सम्मेलन में कथित भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया है। पुणे पुलिस ने दावा किया था कि इस सम्मेलन के बाद अगले दिन कोरेगांव भीमा के पास हिंसा भड़क गई थी।
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