केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र बेंगलुरु में सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए स्काईबस शुरू करने और फ्लाईओवर बनाने का अध्ययन करेगा।
गडकरी ने संवाददाताओं से कहा कि बेंगलुरु में मौजूदा सड़कों को चौड़ा करना मुश्किल है। इसलिए हमने दो निर्णय लिए हैं। हम जमीन का अधिग्रहण नहीं करेंगे लेकिन हम थ्री-डेक या ग्रेड सेपरेटर का निर्माण करेंगे जैसा कि चेन्नई में किया गया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम बिजली पर सार्वजनिक परिवहन को लेकर काम कर रहे हैं। तकनीक बहुत बदल गई है। बेंगलुरु में जमीन अधिग्रहण करना मुश्किल है। इसलिए मैंने फिलिपींस और अन्य देशों की तरह स्काईबस के उपयोग का सुझाव दिया।
गडकरी ने कहा उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को बेंगलुरु की स्थिति का अध्ययन करने और शहर के लिए समाधान खोजने के लिए दुनिया के विशेषज्ञों से परामर्श करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय इस परियोजना का आर्थिक रूप से समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मुझसे चर्चा की। हम इसका (स्काईबस) का अध्ययन कर रहे हैं और हम इसे करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर लाखों लोग आकाश में यात्रा करते हैं तो नीचे की समस्या का समाधान हो जाएगा।
अन्य शहरों के साथ बेंगलुरू की कनेक्टिविटी में सुधार को लेकर गडकरी ने कहा कि 17000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 262 किलोमीटर की लंबाई में बेंगलुरू-चेन्नई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी गई है। एक अन्य परियोजना 1600 किलोमीटर लंबी सूरत-शोलापुर-कुरनूल-चेन्नई है, जो पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली को जोड़ती है।
गडकरी ने बताया कि यह सड़क कर्नाटक के कुछ अविकसित क्षेत्रों जैसे अक्कलकोट, कलबुरगी, यादगीर और रायचूर में 177 किलोमीटर चलती है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से उत्तर और दक्षिण के बीच यात्रा की दूरी कम होगी। मंत्री ने कहा कि बेंगलुरू-कडपा-विजयवाड़ा राजमार्ग एक प्रमुख परियोजना है जो 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से 342 किलोमीटर लंबी होगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण जारी है।