14 वीं मंजिल पर प्रेजिडेंशियल सुइट में ठहरे हैं बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति 'जो बाइडन', चार सौ लोगों की टीम के साथ दिल्ली पहुंच चुके हैं। बाइडन को आईटीसी मौर्य होटल की 14 वीं मंजिल पर स्थित प्रेजिडेंशियल सुइट में ठहराया गया है। इस होटल के करीब 400 कमरे बुक कराए गए हैं। जिस वाहन में राष्ट्रपति बाइडेन सवार होते हैं, उसे अमेरिका से दिल्ली लाया गया है। इस वाहन के बारे में कहा जाता है कि उस पर भारी हथियारों का कोई असर नहीं होता। हैंड ग्रेनेड, आईईडी या हल्का मिसाइल अटैक भी बेअसर रहता है। केमिकल अटैक और न्यूक्लियर अटैक से भी वह गाड़ी सुरक्षित रहती है। राष्ट्रपति की गाड़ी के टायर भी बुलेटप्रूफ होते हैं। कारकेड में इस तरह की कम से कम तीन गाड़ियां रहती हैं। जिस गाड़ी में राष्ट्रपति बाइडन बैठेंगे, उसमें एक फुटबॉल नुमा उपकरण लगा होता है। दरअसल, यह एक ऐसा स्विच होता है जिसका इस्तेमाल केवल राष्ट्रपति कर सकते हैं। इसे राष्ट्रपति का न्यूक्लियर स्विच भी कहते हैं। अगर उनकी गैर मौजूदगी में अमेरिका में कुछ ऐसा होता है कि उस अवस्था में न्यूक्लियर पावर का इस्तेमाल करना जरुरी हो तो वे दुनिया के किसी भी हिस्से से ऐसा कर सकते हैं। उनकी गाड़ी में लगा सेटेलाइट फोन का लिंक सीधे अमेरिकी रक्षा विभाग यानी 'पेंटागन' हेडक्वार्टर से रहता है। वे उप राष्ट्रपति से बात कर सकते हैं।
'अमेरिकी सीक्रेट सर्विस' के पास रहता है एक 'पैकेट'
अमेरिकी राष्ट्रपति जिस भी देश में जाते हैं तो उनके साथ डॉक्टरों का भी एक दल रहता है। सीक्रेट सर्विस की निगरानी में उसी समूह का ब्लड पैकेट कारकेड में रखा जाता है, जो राष्ट्रपति का ब्लड ग्रुप होता है। हालांकि ऐसे कितने पैकेट होते हैं, इसकी सही संख्या नहीं बताई जाती। राष्ट्रपति के साथ किसी भी तरह की विषम परिस्थिति में इस रक्त का इस्तेमाल किया जाता है। जी20 सम्मेलन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ करीब 60 गाड़ियों का कारकेड चलेगा।
इन होटलों में पहुंच रहे हैं विदेशी मेहमान
दिल्ली के 23 तो एनसीआर के 9 होटलों में विदेशी मेहमानों को ठहराया गया है। जिन जगहों पर विदेशी मेहमान ठहरे हैं, उनमें जाकिर हुसैन मार्ग स्थित दा ओबराय, इंपीरियल कनॉट प्लेस, सरदार पटेल मार्ग स्थित आईटीसी मोर्या, मान सिंह रोड़ स्थित ताज महल, दा लीला पैलेस चाणक्यपुरी, ताज पैलेस एसपीएम मार्ग, अशोक होटल चाणक्यपुरी, ललित बाराखंबा रोड, शांगरीला कनॉट प्लेस, हयात रीजेंसी बीकाजी कामा प्लेस, ली मेरिडन कनॉट प्लेस, दा लोधी सीजीओ काम्पलेक्स, विवांता ताज द्वारका, शेरेटन साकेत, दा सूर्या न्यू फ्रेंड्स कालोनी, पुलमैन एयरोसिटी, अंदाज एयरोसिटी, रोजेट एयरोसिटी, जेडब्लू मेरियट एयरोसिटी, इरोस नेहरु प्लेस, रेडिशन ब्लू प्लाजा महिपालपुर, क्लेरिज 30 जनवरी मार्ग, लीला एंबिएन्स गुरुग्राम, ट्राइडेंट गुरुग्राम, द ओबराय गुरुग्राम, ताज सिटी सेंटर गुरुग्राम, हयात रीजेंसी गुरुग्राम, आईटीसी ग्रांड भारत गुरुग्राम, वेस्टइन गुरुग्राम, दा लीला एंबिएंस कन्वेंशन शाहदरा, विवांता सूरजकुंड और क्राउन प्लाजा ग्रेटर नोएडा शामिल हैं।
'कारकेड' से लेकर होटल तक की सुरक्षा
सीआरपीएफ, दिल्ली पुलिस और दूसरे केंद्रीय बलों के जवानों को 'कारकेड' से लेकर 'होटल' तक विदेशी मेहमानों की सुरक्षा का दायित्व सौंपा गया है। इन्हें खासतौर पर वीआईपी सुरक्षा करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। होटल या बैठक स्थल से निकलने के बाद वीआईपी को गाड़ी तक कैसे पहुंचाना है। उस वक्त सुरक्षा को लेकर जितने भी प्रोटोकॉल होते हैं, उनके बारे में ट्रेनिंग दी गई है। गाड़ी में कैसे बैठना है, कोई घटना होती है तो उस वक्त सुरक्षा का कौन सा फार्मूला इस्तेमाल करना है, खतरे का आभास हो तो विदेशी मेहमान की सुरक्षा कैसे करनी है, आदि बातें सिखाई गई हैं। बीच रास्ते अगर गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी आ जाए तो उस दौरान पहले, दूसरे व तीसरे नंबर वाले स्पेयर वाहन की स्थिति क्या रहेगी। कौन सी गाड़ी में विदेशी मेहमान को शिफ्ट किया जाएगा। मतलब, वीआईपी को किस तरह से 360 डिग्री डिफेंस प्रदान करनी है, ये सब ट्रेनिंग का हिस्सा रहा है। विदेशी मेहमान, जिस होटल में ठहरेंगे, वहां पर नाइट सिक्योरिटी के लिए अलग अलग सुरक्षा बलों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी भी जगह की जिम्मेदारी, एक सुरक्षा बल के पास नहीं रहेगी। जैसे नाइट हॉल्ट के दौरान बॉर्डर गॉर्डिंग फोर्स के साथ दिल्ली पुलिस का दस्ता रहेगा।