ईओडब्ल्यू ने यह कार्रवाई मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक पदाधिकारी की शिकायत पर शुरू की। इसमें दावा किया गया था चुनाव आयोग द्वारा शिंदे गुट को असली शिवसेना घोषित किए जाने के बाद भी ठाकरे के नेतृत्व वाली सेना ने कथित तौर पर पार्टी फंड से 50 करोड़ रुपये निकाल लिए।
उद्धव ठाकरे द्वारा पार्टी फंड से 50 करोड़ रुपये की कथित निकासी के मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पूछताछ शुरू कर दी है। इसी क्रम में ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) गुट के नेता अनिल देसाई से लगभग सात घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देसाई अपनी पार्टी की ओर से ईओडब्ल्यू के समक्ष पेश हुए।
विज्ञापन
देसाई सुबह करीब 10.45 बजे दक्षिण मुंबई में मुंबई पुलिस मुख्यालय में ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे थे। इसके बाद वे करीब छह बजे कार्यालय से बाहर आए। बाहर आने के बाद देसाई ने बताया कि ईओडब्ल्यू ने जो भी जानकारी मांगी थी वह मैंने उन्हें उपलब्ध करा दी है। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल में पदाधिकारियों का पद होता है। देसाई ने कहा कि हम पार्टी नेता के निर्देशानुसार और पार्टी के संविधान के अनुसार काम करते हैं।
बता दें कि ईओडब्ल्यू ने यह कार्रवाई मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक पदाधिकारी की शिकायत पर शुरू की। इसमें दावा किया गया था चुनाव आयोग द्वारा शिंदे गुट को असली शिवसेना घोषित किए जाने के बाद भी ठाकरे के नेतृत्व वाली सेना ने कथित तौर पर पार्टी फंड से 50 करोड़ रुपये निकाल लिए। इस शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू यह जांच कर रहा है कि जिस बैंक खाते से यह रकम निकाली गई है उसे कौन संचालित करता है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जून 2022 में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद शिवसेना में दरार आ गई थी। पार्टी में दोफाड़ होने के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व महाराष्ट्र सरकार गिर गई थी। बाद में चुनाव आयोग ने फरवरी 2023 में शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली सेना घोषित किया और उसे पार्टी का चुनाव चिन्ह आवंटित किया था।