बीएचयू में पुरातन छात्र समागम के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला हुआ है। समागम के लिए आयोजित समारोह में अतिथियों, पुरातन छात्र-छात्राओं को वितरित की जाने वाली सामग्री के नाम पर हेराफेरी जाली फर्मों के नाम से की गई है।
समारोह के लिए वस्तुओं की खरीद में विश्वविद्यालय की विक्रय समिति को भी अंधेरे में रखा गया। गिफ्ट आइटम, स्मृति चिह्न और बैग की खरीद के जिन-जिन फर्मों के नाम पर कोटेशन जारी किए गए, उनमें से कई का कहीं अता-पता नहीं है। इस घपले की शिकायत के बाद हड़कंप मच गया है।
कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले में कई प्रोफेसरों के अलावा कर्मचारियों का गला नपने के संकेत मिले हैं।
पुरातन छात्र समागम-2015 के आयोजन के लिए गिफ्ट आइटम से लेकर अन्य वस्तुओं की खरीद में लाखों रुपये की हेराफेरी की शिकायत मिलने के बाद कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर रिपोर्ट तलब की है।
प्रो. एसके सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज तलब कर लिए हैं। 24 मई को जांच समिति ने पुरातन छात्र समागम के नाम पर हुई खरीद से जुड़े बिलों और अन्य पत्रावलियों की छानबीन करने के साथ ही इससे जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाईं। यह जांच आलोक कुमार सिंह की शिकायत पर शुरू हुई है।