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डोप के दागी देशों में ट्रेनिंग नहीं करें भारतीय

Mon, 30 May 2016 01:53 AM IST
हेमंत रस्तोगी/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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रियो ओलंपिक में शामिल होंगे भारतीय खिलाड़ी
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रियो ओलंपिक से ठीक पहले खेल मंत्रालय ने भारतीय खिलाड़ियों को डोपिंग के लिए कुख्यात हो चुके देशों में तैयारियां करने से आगाह किया है। मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में साफ किया गया है कि वाडा रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए रूस, तुर्की, जार्जिया, उक्रेन, इटली जैसे देशों में डोप के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते इन देशों में तैयारियां करना भारतीय खिलाड़ियों के लिए खतरे से खाली नहीं होगा। यही नहीं मंत्रालय ने साई और खेल संघों को कहा है कि इन देशों के कोचेज और ट्रेनर अनुबंधित करते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
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आदेश में कहा गया है कि साल 2013 की वाडा रिपोर्ट में रूस फेडरेशन और तुर्की में सर्वाधिक डोप पॉजिटिव केस पाए गए। इसी तरह साल 2014 की वाडा रिपोर्ट में रूस फेडरेशन (148) और इटली (123) डोप पॉजिटिव केसों में पहले दो स्थानों पर रहे। रूस फेडरेशन के अत्यधिक डोप मामलों को ध्यान में रखते हुए उनके एथलीटों को रियो ओलंपिक में खेलने से भी रोक दिया गया है। इन मामलों को ध्यान में रखते हुए रूस, तुर्की, इटली के अलावा जार्जिया और उक्रेन जैसे देशों में भारतीय खिलाड़ियों को ट्रेनिंग करने से बचने को कहा गया है। 
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इन्हीं देशों में करते हैं भारतीय ट्रेनिंग और आते हैं कोच

रियो ओलंपिक - फोटो : Reuters
मंत्रालय ने यह आदेश जरूर जारी किया है, लेकिन एथलीट, पहलवान, शूटर, बॉक्सर ज्यादातर इन्हीं देशों में ट्रेनिंग करते हैं। बीते वर्ष अक्तूबर में 17 एथलीट तुर्की के अंताल्या में ट्रेनिंग करके आए हैं। बीते माह भारतीय पहलवान जार्जिया ट्रेनिंग करने गए थे। अब पहलवानों को फिर रूस भेजने की योजना है।

मानवजीत संधू समेत ज्यादातर शॉट गन शूटर इटली में ट्रेनिंग करते हैं। इस वक्त एथलेटिक्स में विवादित यूरी ओगोरोडिनिक समेत उक्रेन के तीन, रूस के एक, शूटिंग में इटली के दो, कुश्ती में जार्जिया के तीन कोच रियो ओलंपिक की तैयारियों के लिए अनुबंधित कर रखे गए हैं।

मंत्रालय के आदेश में दागियों की सूची में टॉप दो स्थान पर रहने वाले देशों का जिक्र कर दिया गया, लेकिन साल 2014 की रिपोर्ट में 96 डोप पॉजिटव केसों के साथ तीसरा स्थान किसी और का नहीं बल्कि भारत का है। मंत्रालय ने इस बारे में कोई जिक्र नहीं किया है। सिर्फ नाडा की ओर से साल 2015 और 2016 (इस साल मार्च तक 1451 सैंपलों में 18 पॉजिटिव केस) में डोप सैंपलों की संख्या बढ़ाए जाने की बात कही गई है।
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